पिछले दो दशकों से पूर्वांचल की राजनीति में बाहुबली की पहचान के साथ खासा दखल रखने वाले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक मुख्तार अंसारी से भाजपा, कांग्रेस और बसपा के नेता जान का खतरा बता चुके है। 

करीब सवा साल बाद उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में वापसी कर रहे मुख्तार से जान के खतरे की बात खुद उनकी ही पार्टी के नेता एवं घोसी लोकसभा क्षेत्र से बसपा सांसद अतुल राय ने लिखित रूप से कही है। कहने को तो मुख्तार वर्ष 2005 से कारागार में बंद है, लेकिन इस बाहुबली विधायक की हनक कुछ इस कदर है कि एक तरफ जहां नवंबर 2005 में गोलियों से छलनी हुए तत्कालीन विधायक स्व. कृष्णानंद राय की पत्नी व वर्तमान में मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अलका राय मुख्तार अंसारी से अपनी व अपने परिजनों के लिए जान का खतरा बताती है। 

वहीं वाराणसी के पिंडरा विधानसभा से पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय राय ने भी मुख्तार से खुद की जान का खतरा बताया। हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्तार के सिपहसालार कहे जाने वाले उनके सहयोगी व वर्तमान में घोसी लोकसभा क्षेत्र से बसपा सांसद अतुल राय ने मुख्तार से अपनी जान का खतरा बताते हुए शासन प्रशासन से गुहार लगा दी। खास बात यह कि खुद अतुल राय दुष्कर्म के मामले में पिछले लगभग दो वर्षों से सेंट्रल जेल नैनी में बंद हैं। 

पिछले दिनों मुख्तार को पंजाब से यूपी लाए जाने की कवायद शुरू हुई तभी अतुल राय ने मुख्तार को नैनी जेल में नहीं भेजे जाने के लिए शासन को प्रार्थना पत्र भेज दिया, जिसमें उन्होंने लिखित रूप से स्वीकार किया कि मुख्तार अंसारी से उनकी जान का खतरा है। सांसद अतुल राय ने जेल से मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह, कोर्ट सहित कई अफसरों को पत्र भेजकर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस सम्बंध में घोसी लोकसभा सीट के सांसद बसपा नेता अतुल राय के प्रतिनिधि गोपाल राय का कहना है कि मुख्यमंत्री समेत आला अफसरों को पत्र भेजा गया है विधायक मुख्तार अंसारी से जान का खतरा है।