नीतीश सरकार के मंत्री और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बड़ा बयान दिया है. मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव को खुला ऑफर दिया है और कहा है कि अगर ढाई-ढाई साले के सीएम फार्मूले पर राजी हैं तो आगे आइये और सरकार बनाइये. अपनी एमएलसी सीट गंवाने की कगार पर खड़े मुकेश सहनी ने कहा कि तेजस्वी यादव पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनने की चाहत छोड़ दें. यदि वे ढाई साल के लिए खुद और इतने ही दिन के लिए उन्‍हें या निषाद समाज के किसी दूसरे नेता को सीएम बनाने के लिए तैयार हैं तो आगे आएं VIP उनके साथ है.

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इसके साथ ही सहनी ने विरोधियों पर भी निशाना साधा और कहा कि ‘पुष्‍पा मतलब फ्लावर मत समझना. सन ऑफ मल्लाह हूं, निषाद तो हमेशा धारा के विपरीत चलता है . इसलिए कोई कुछ बोले परवाह नहीं है’. सहनी ने कहा कि सूई की नोक के बराबर भी अधिकार है तो लड़ते रहेंगे. साथ ही मुकेश सहनी ने एकबार फिर लालू यादव की तारीफ की और कहा कि वे हमेशा से लालू प्रसाद यादव को मानते रहे हैं. लालू हमेशा उनके दिल में रहेंगे

सहनी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय के पुरोधा रहे हैं. वे हमेशा सामाजिक न्‍याय की लड़ाई लड़ते रहे हैं. उन्‍हें देखकर ही राजनीति सीखी है. यूं कहें कि लालू प्रसाद की अंगुली पकड़कर यहां तक आए हैं. अब यहां तक आएं हैं तो उन्‍हें कैसे भूल जाएं. भले रास्‍ते अलग हैं ले‍किन लालू जी दिल में रहते हैं, इसके साथ ही सहनी ने कहा कि वह अटलजी को भी मानते हैं

मुकेश सहनी सहरसा में वीआईपी के एमएलसी प्रत्याशी का प्रचार करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि ढाई साल निषाद या पिछड़ा का बेटा सीएम बने तो हम साथ आ जाएंगे. मुकेश सहनी सीएम नहीं बने कोई बात नहीं.किसी भी पिछड़े या अतिपिछड़े या दलित को सीएम बना दें हम तेजस्वी के साथ आ जाएंगे. सहनी ने कहा किउनकी लड़ाई है कि बिहार में पिछड़ा-दलित का बेटा राज करे. जबकि तेजस्वी यादव चाहते हैं कि वही सीएम बनें, जब तक उनके और मेरे सोच में फर्क रहेगा, हम दूर रहेंगे.

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मुकेश सहनी बिहार में एनडीए में शामिल हैं. उनकी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में चार सीटों पर जीत दर्ज की है. इनमें बोचहां सीट से मुसाफिर पासवान के निधन के बाद ये सीट खाली है. जिसके बाद अभी उनके तीन विधायक है. ये तीनों विधायक चुनाव से पहले बीजेपी के साथ थे. सहनी की पार्टी से चुनाव जीतने के बाद भी ये सभी बीजेपी के प्रति अपनी निष्ठा जता चुके हैं. पिछले दिनों जब कैबिनेट मीटिंग से  वीआईपी को इग्नोर करने के आरोप के बाद सहनी बाहर चले गए थे. तब उनके विधायक मीटिंग में बने रहे और नीतीश कुमार की सरकार के साथ होने की बात कही. तो फिर मुकेश सहनी किस भरोसे तेजस्वी को समर्थन देने की बात कह रहे हैं जबकि उनकी खुद की एमएलसी सीट भी बच पाएगी या नहीं यह अभी तय नहीं है.