नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई लगातार जारी है। इस लड़ाई ने भारी तबाही मचाई है जिसके फलस्वरूप जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं बल्कि इसने ग्लोबल ग्रोथ पर भी खतरा पैदा कर दिया है। हालांकि, इस विपरीत स्थिति से भी कई लोगों को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है। भारत के दो टॉप उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी भी इन्हीं लोगों में से शामिल हैं। यह जंग इन दोनों धनकुबेरों की दौलत और बढ़ा रही है।

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दोनों उद्योगपति भले ही ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव चल चुके हैं, लेकिन जंग के चलते पैदा हुए हालात में दोनों ही पारंपरिक ईंधनों का भरपूर दोहन कर रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग ने कई कमॉडिटीज की कीमतें बढ़ा दी है। इनमें गेहूं जैसे अनाज से लेकर कच्चा तेल और कोयला तक शामिल है। आसमान छूती कोयला की कीमतों का लाभ उठाने के लिए गौतम अडानी ऑस्ट्रेलिया स्थित विवादित खदान की कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं, ताकि बढ़ी मांग पूरी की जा सके।

वहीं, मुकेश अंबानी की बात की जाए तो उनकी कंपनी कच्चे तेल से फायदा कमा रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) क्रूड ऑयल के फंसे कार्गो को डिस्काउंट पर खरीद रही है और अपनी रिफाइनरी में उनका इस्तेमाल कर रही है। कंपनी के पास जामनगर में जो रिफाइनरी है, उसकी क्षमता दुनिया में सबसे ज्यादा है। बदले हालात में मौके का भरपूर फायदा उठाने के लिए रिलायंस ने इस रिफाइनरी के मेंटनेंस को भी टाल दिया है। इससे अंबानी की कंपनी डीजल और पेट्रोल पर 3 साल में सबसे ज्यादा मिल रहे मार्जिन का पूरा-पूरा फायदा उठा रही है।

अडानी और अंबानी ने हाल ही में ग्रीन एनर्जी में बड़ा इन्वेस्टमेंट करने का ऐलान किया था। दोनों मिलकर अगले कुछ दशक में ग्रीन एनर्जी सेक्टर में 142 बिलियन डॉलर का निवेश करने वाले हैं। दोनों उद्योगपतियों ने इन्वेस्टमेंट का ऐलान करते हुए बताया था कि ग्रीन एनर्जी कोयला और क्रूड का विकल्प बनेगी। हालांकि अभी जब रूस-यूक्रेन की जंग ने कोयला और कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा दी है, तो दोनों उद्योगपति इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं।

बदले हालात से दोनों उद्योगपतियों को किस तरह फायदा हो रहा है, यह आंकड़ों में भी साफ है। कोयला की कीमतें बढ़ने से अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड का प्रॉफिट मार्च तिमाही में 30 फीसदी बढ़ गया था। यह पिछली छह तिमाहियों में कंपनी का सबसे ज्यादा मुनाफा भी था। इसी तरह पेट्रोलियम की कीमतें बढ़ने से रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्च तिमाही में अब तक के सबसे ज्यादा प्रॉफिट में से एक दर्ज करने में मदद मिली थी।

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गौरतलब है कि रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला किया था। तब से लेकर अप्रैल के अंत तक अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर के भाव 42 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर के भाव 19 फीसदी ऊपर गए थे। अप्रैल के बाद स्टॉक मार्केट की बिकवाली ने इन दोनों कंपनियों के शेयरों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, जब से दोनों देशों के बीच जंग की शुरुआत हुई है, अडानी की दौलत करीब 25 बिलियन डॉलर बढ़ी है। इसी तरह अंबानी की नेटवर्थ करीब 8 बिलियन डॉलर बढ़ी है।