संसद भवन में विभिन्नताओं में एकता का अनूठा नजारा देखने को मिला। संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ जिसमें लोकसभा के सभी सदस्यों ने संसद सदस्य के तौर पर शपथ ली। जिसमें असम से भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री बने रामेश्वर तेली, क्वीन ओझा, कृपानाथ मल्लाह और नबा कुमार शरणिया ने असमिया भाषा में शपथ ली। वहीं सिलचर के सांसद राजदीप राय ने बंगाली में शपथ ली। वे सभी लोग असमिया गमोछा भी धारण किए हुए थे।

आज प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शपथ ली। इन लोगों ने हिंदी में शपथ ली। दिल्ली के सांसद हर्षवर्धन, मिनाक्षी लेखी व मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने संस्कृत में शपथ ली। आप को बता दें कि 17वीं लोकसभा का आरंभ आज से हो गया है जिसमें सभी सदस्यगण सांसद के तौर पर शपथ ली आप को बता दें की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दोपहर बाद शपथ ली। राहुल गांधी केरल के वायनाड़ से लोकसभा सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए है। लोकसभा ने इस बार ऑनलाईन फार्म उपलब्ध करा दिए थे। इस फार्म में 22 भाषाओं में शपथ लेने का प्रावधान किया हुआ है।


भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक असम से BJP के टिकट पर लोकसभा चुनावों में जीतकर आए सांसद दिलीप सइकिया सबको चौंका दिया। सइकिया ने संसद में अपने पद की शपथ देववाणी कही जाने वाली संस्कृत भाषा में अपने पद की शपथ ली। संसद में कुल मिलाकर 333 सांसदों ने अपने पद की शपथ ली है। इसी के साथ ही देश में भाषा की विविधता भी देखने को मिली। यहां पर सांसदों में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, बांग्ला समेत अनेकों भाषाओं में अपने-अपने पद की शपथ ली।

असम के 14 सांसद

असम के इस बार लोकसभा चुनावों में 14 सांसद चुनकर गए हैं। इनमें से एक ने संस्कृत भाषा में शपथ ली। वहीं, तेजपुर सांसद पल्लव लोचन दास ने हिंदी में, बांग्लाभाषी बहुल सिल्चर से चुने गए डॉ. राजदीप राय ने बांग्ला, स्वायत्तशासी क्षेत्र डिफू से चुने गए हरेन सिंह ने अंग्रेजी में, प्रद्युत बोरदोलोई, गौरव गोगोई, अब्दुल खालेक, तपन गोगोई, प्रदान बरूआ और केंद्र सरकार में मंत्री रामेश्वर तेली, कृपानाथ मल्लाह और क्वीन ओझा ने असमिया भाषा में अपने-अपने पद की शपथ ली।