आजादी के 75 साल होने पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, मगर इस दौरान ऐसी भी तस्वीरें सामने आ रही हैं जो जमीनी हकीकत को बयां करती हैं। ऐसी ही तस्वीर मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से सामने आई है, जहां गर्भवती महिला को उफनती नदी के पानी के बीच खटिया पर ले जाया गया, क्योंकि नदी पर पुल नहीं है।

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आदिवासी बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड से तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण इलाकों के हालात को बयां करती है। यहां के पावरझंडा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत ग्राम जामुनढाना की नदी में पुल न होने से लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। नदी में पानी उफान पर था, मगर एक महिला को प्रसव पीड़ा के चलते चिकित्सालय ले जाया जाना था, ऐसे में ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर गर्भवती महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार कराई।

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पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण पहले भी आवाज बुलंद कर चुके हैं, लेकिन समस्या अब भी जस की तस है। जयस ब्लॉक प्रवक्ता अंकुश कवड़े ने बताया की शासन और प्रशासन ग्रामीणों की समस्या की अनदेखी कर रहा है पूर्व में भी इस समस्या से प्रशासन को अवगत किया जा चुका है। शाहपुर के सीएमओ (चीफ मेडिकल ऑफिसर) डॉ. गजेंद्र यादव का कहना है कि महिला की सुरक्षित डिलीवरी हो गई है। उन्हें बच्ची पैदा हुई है। नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण खाट पर गर्भवती महिला को लेकर आए थे। फिलहाल मां और बच्ची दोनों ही स्वस्थ हैं।