मध्य प्रदेश के पर्यटन विभाग का एक स्लोगन रहा है ‘एमपी अजब है और सबसे गजब है’, इस स्लोगन को यहां के सिवनी जिले की पुलिस ने चरितार्थ कर दिखाया है, क्योंकि यहां खड़ी गाडिय़ां भी 140 किलोमीटर से दौड़ती बताई गई हैं और लाखों रुपए के डीजल का घोटाला हुआ है। इस मामले में लिप्त पाए गए रक्षित निरीक्षक और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार वाहन शाखा में तैनात पुलिसकर्मी और अन्य लोग पुलिस वाहनों की मीटर रीडिंग बढ़ा दिया करते थे और यह दर्शाते थे कि लाखों रुपए का डीजल उपयोग किया गया है। इस पूरे कारनामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है, जिसमें यह पता चलता है कि किस तरह वाहनों में चिप लगाई जाती थी और मायलोमीटर की स्पीड बढ़ा कर वाहनों को सडक़ पर दौडऩा बताया जाता था। यह स्पीड 140 किलो मीटर तक की हुआ करती थी।

सिवनी के पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने बताया है कि, ‘‘इस मामले में जिन लोगों की प्रारंभिक तौर पर भूमिका सामने आई है, उनमें आरआई और चार पुलिस जवानों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक पुलिस जवान ऐसा है जिसकी कुछ साल पहले रिवाल्वर चोरी हो गई थी और वह पुलिस अधीक्षक का किसी समय वाहन चालक भी हुआ करता था।’’ प्रतीक के अनुसार, ‘‘इस पूरे घोटाले में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच कराई जा रही है, उसके बाद जांच में जो भी देाषी पाया जाएगा उसे बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पेट्रोल पंप संचालक की क्या भूमिका है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।’’

सूत्रों की मानें तो कोरोना काल में पुलिस के वाहन सडक़ों पर सामान्य स्थितियों से ज्यादा दौड़े और इसी का घोटालेबाजों ने लाभ उठाया। कई वाहन तो ऐसे हैं जो ज्यादा चले ही नहीं और उन्हें सैकड़ों किलोमीटर चलना दिखाया गया है। इस घोटाले के सामने आने के बाद महकमे के आलाअफसरों की नींद उड़ी हुई है।