कार्बी आंग्लोंग असम का सबसे अस्थिर क्षेत्र है। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने रविवार को कहा कि कार्बी आंग्लोंग में करीब 6 दशक बाद शांति पूर्वक चुनाव सम्पन्न हुए हैं। हाल ही में कार्बी आंग्लोंग स्वायत्त परिषद के लिए चुनाव हुए थे। इस चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। परिषद की 26 में से 24 सीटें जीतकर भाजपा ने इतिहास रचा है।

सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार में सहयोगी असम गण परिषद को भी एक सीट नहीं मिली। दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती। कार्बी आंग्लोंग स्वायत्त परिषद कार्बी आंग्लोंग और वेस्ट कार्बी आंग्लोंग के दो जिलों से मिलकर बनी है। 1952 के बाद यहां पहली बार शांतिपूर्वक चुनाव सम्पन्न हुए हैं। परिषद का गठन संविधान की छठी अनुसूचि के तहत हुआ था।

चुनाव के दौरान कोई अप्रिय वारदात सामने नहीं आई। सोनोवाल ने एक बयान में कहा कि 6 दशक के बाद पहली बार शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के राज्य चुनाव आयोग ने भी इस तथ्य को ऑन रिकॉर्ड स्वीकार किया है। यह राज्य पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिसने अनवरत पब्लिक सपोर्ट और बिना थके जिला प्रशासन और अन्य सिस्टर एजेंसियों के साथ क्लोज कॉडिनेशन रखा।

कार्बी आंग्लोंग स्वायत्त परिषद मिकिर हिल्स डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के रूप में भी जानी जाती है। इसकी स्थापना 23 जून 1952 को हुई थी। परिषद को विभिन्न अंतर्निहित और सुपुर्द विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है। कार्बी आंग्लोंग स्वायत्त परिषद को कानून व्यवस्था,राहत और पुनर्वासन छोड़कर अन्य सभी विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है। परिषद सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक संस्था है।

स्थापना से लेकर अब तक कार्बी आंग्लोंग स्वायत्त परिषद के लिए 11 बार चुनाव हुए। हाल ही में 12 वीं बार चुनाव हुए। ये चुनाव हमेशा सिविल और पुलिस प्रशासन के  लिए चुनौती रहे हैं क्योंकि इलाके में आबादी छितराई हुई है। जनसंख्या घनत्व सिर्फ 93 प्रति स्कवैयर किलोमीटर है।  जियोग्राफिकल एरिया 47 फीसदी वनों से आच्छादित है। इस कारण यह उग्रवादी गतिविधियों के लिए एक्टिव फील्ड बना हुआ है।

क्षेत्र की सीमा नागालैण्ड और मेघालय से लगती है। इस कारण इन पड़ोसी राज्यों में सक्रिय विभिन्न चरमपंथी समूहों और उग्रवादी संगठनों के बीच तालमेल बना हुआ है। इस कारण क्षेत्र की सामान्य कानून और व्यवस्था कमजोर है। इससे कार्बी आंग्लोंग स्वायत्त परिषद के चुनाव चैलेंजिंग टास्क बन जाता है।