विश्वस्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर रातों रात सुपर स्टार बनीं हिमा दास गूगल पर भी सेलिब्रिटी बन चुके हैं। यूजर्स हिमा दास के बारे में गूगल के जरिए जानकारियां जुटाने में लगे हैं। हालांकि इस बीच एक स्याह पहलू भी सामने आया है। देश में कई लोग जब हीमा के कारनामे का जश्न मना रहे थे, उसी दौरान कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें हिमा की जाति पता लगाने की पड़ी थी।

हिमा दास के गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनको और खासकर उनकी जाति को लेकर गूगल सर्च में काफी उछाल देखा गया। गूगल ट्रेंड के आंकड़े बताते हैं कि लोगों ने सबसे ज्यादा हीमा दास की जाति पता करने की कोशिश की। इनमें सबसे ज्यादा संख्या असम के लोगों की थी, जिसके बाद पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश का नंबर आता है।

हालांकि यह पहला मौका नहीं जब लोग किसी शख्सियत की जाति जानने में जुटे दिखे हो। इससे पहले बैडमिंटन चैम्पियन पीवी सिंधु ने जब रियो ओलिम्पिक में सिल्वर मेडल जीता तब भी कई लोगों ने गूगल पर उनकी जाति जानने की कोशिश की थी। इनमें आंध्र और तेलंगाना के लोगों खासी तादाद में थे।

बता दें कि हिमा दास पर सौगातों की बारिश भी हो रही है। पहले असम सरकार ने हिमा दास को 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं अब उन्हें राज्य का ब्रांड एंबेसडर (खेल) बनाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार ने हिमा को खेलों के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाने का फैसला किया है। हिमा दास ने गुरुवार को महिलाओं की 400 मीटर फाइनल रेस में गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास रच दिया था।