मेघालय शिक्षा विभाग ने राज्य के लगभग 3, 500 माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है। इसके लिए एक अंतर्राष्ट्रीय विकास परामर्श संगठन आईपीई ग्लोबल के साथ करार किया गया है। बता दें कि यहां शिक्षकों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम एशियाई विकास बैंक के सहयोग से चलाया जा रहा है।


विभाग को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में शैक्षणिक गुण जैसे छात्र-केंद्रित शिक्षण और सीखने, कक्षा प्रबंधन और मानक मूल्यांकन के माध्यम से शिक्षा के परिदृश्य में सुधार की आवश्यकता को बेहतर बनाएगा। कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को स्कूल स्तर पर सहायता प्रदान करने के साथ-साथ दो चरणों में आमने-सामने प्रशिक्षण दिया जाता है। पेशेवर विकास कार्यक्रम को शुरू हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ और इसके नतीजे अभी से आने शुरू हो गए हैं।


हाल ही में एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले पूर्वी खासी हिल्स, मावंगप जिले के क्रिश्चियन मल्टीपर्पज हायर सेंकेंडरी स्कूल के शिक्षकों ने इसके सुधार के शुरुआती संकेतों के अनुभव की जानकारी दी। उन्होंने देखा कि छात्र केंद्रित शिक्षण से उन्हें और छात्रों को पाठ्यपुस्तकों तथा पाठ्यक्रम से परे जाने वाली दक्षताओं को विकसित करने में मदद मिलेगी।


शिक्षकों ने लाॅग बुक्स को बनाए रखने के पारंपरिक अभ्यास भी शुरू कर दिए हैं, जिसमें वे किसी विशेष वर्ग में शामिल पाठ की तारीख और विजय दर्ज करते हैं और व्यापक योग्यता आधारति पाठ योजनाओं का पालन कर रहे हैं व्यापक पाठ योजनाओं विभिन्न शिक्षण स्तरों पर छात्रों की सीखने की जरूरतों को पूरा करने के लिए शिक्षकों को विविध शिक्षण रणनीतियों की पहचान करने में मदद करती है।


अपने अनुभव को बताते हुए एक स्कूल की प्रधानाचार्य ने कहा कि पेशेवर विकास कार्यक्रम ने मुझे और मेरे शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तथा सीखने की नीतियों के आवश्यक पहलुओं को समझने में मदद की है, जो सीखने को और प्रभावी बनाता है।


स्कूल ने छात्रों के लिए सत्र की गतिविधियां शुरू की है, जहां वे समूह बनाते हैं, और अपनी पसंद के किसी भी विषय के आधार पर एक माॅडल या प्रोजेक्ट चुनते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की पहल से छात्रों के बीच निर्णय लेने की क्षमता, टीम भावना, सहयोग, महत्वपूर्ण सोच और अभिनव सोच में वृ्द्धि होती है।