रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnav) ने आज कहा कि रेलवे की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) श्रेणी के पदों एवं ग्रुप डी के रिक्त पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया को लेकर विवाद के संबंध में अब तक एक लाख से अधिक ज्ञापन (one lakh memorandums) प्राप्त हो चुके हैं और सरकार उन शिकायतों के निवारण के लिए प्रतिबद्ध है। 

रेल, संचार, इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने आज यहां पारित आम बजट (General Budget) में अपने विभागों के आवंटन के बारे में संवाददाताओं से चर्चा में इस बारे में एक सवाल पर कहा कि रेलवे ने रिकॉर्ड रोजगार देने के मकसद से रिक्तियों पर भर्ती का निर्णय लिया था। 

रेलवे एक स्थिर एवं दीर्घकालिक रोजगार का लोकप्रिय साधन है इसलिए स्वाभाविक है कि इसमें बहुत बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी के लिए टाटा कन्सल्टेंसी सर्विसेज और ग्रुप डी के लिए एनएसई को चुना गया था। जहां तक शार्टलिस्टिंग की बात है तो हम बताना चाहते हैं कि हम एक संवेदनशील सरकार हैं। हमारे मन में अंत्योदय की भावना है। अगर छात्रों को कोई परेशानी है तो हमें कोई अहंकार नहीं है और उसे ठीक करना हमारी ड्यूटी है। हमने एक समिति तुरंत गठित कर दी है जिसमें बहुत वरिष्ठ अधिकारी हैं। समिति के पास एक लाख से अधिक ज्ञापन आ चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि समिति को तीन सप्ताह में उसका निष्पक्षता से समाधान करना है। ग्रुप डी के लिए एक ही परीक्षा हो या दो, एनटीपीसी के दूसरे चरण में क्या किया जाए, टेस्ट का लेवल कैसा हो, इसका एक निश्चित समयसीमा में समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमारे मन, हमारी नीयत, हमारे तरीके और प्रक्रिया में संदेह की बात नहीं है। हमने स्वयं इस स्थिति को झेला है। छात्रों की भावना के अनुरूप पारदर्शी समाधान किया जाएगा।'