पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले के कारण सारा देश सदमे में है। देश के जवानों को आतंकवादियों ने जिस तरह से कतरा कतरा बिखेरा है उसको देखकर भारतीयों का गुस्सा चरम सीमा पर हैं। लोग वापस से सर्जिकल स्ट्राइक की मांग कर रहे हैं। इसी तरह से पुलवामा हमले को मद्देनजर रखते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल,गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक ने राज्य की कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की,
जिसमें सभी जिलों मे विशेष सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है। सीएम का मानना है कि नागरिकता बिल रद्द होने के बाद हो सकता है कि सीमा क्षेत्र इलाकों में घूसपैठ बढ़ जाए और इसी के साथ आतंकवादियों के मंसूबे कामयाब होने में देर नहीं लगेगी। इसलिए सीएम ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि वो अब अधिक सतर्क हो जाए। किसी भी प्रकार की अगर कोई अप्रिय या अजीब चीज़े दिखे और कोई ऐसी हरकते करता हुआ व्यक्ति दिखे तो तुरंत उसे हिरासत में ले ले।
 
आपको बता दें कि राज्य के 33 जिलों में कानून व्यवस्था किसी भी हालत में बिगड़ ना पाए इसके लिए पुलिस अधीक्षकों को तत्काल पहल करने के लिए सीएम ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया। जानकारी के लिए बता दें कि ब्रह्मपुत्र अतिथिशाला में राज्य की कानून व्यवस्था पर हुई समीक्षा बैठक में सीएम ने जम्मूृ-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में इस तरह की घटना पर चर्चा की।

राज्य में इस तरह की घटना ना हो इसके लिए सुरक्षा बलों को सदा सतर्क रहने और जरूरी पहल करने का निर्देश दिया है। सीएम ने राज्य की जनता को भरोसे में लेकर कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिया है। बता दें की इस बैठक में मुख्य सचिव आलोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया, गृह एंव राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्ण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।