अंतरिक्ष में अब एक ऐसी खागो​लीय घटना होने जा रही है जिसके बारे में शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। जी हां, अब चांद मंगल ग्रह से टकराकर नष्ट होने जा रहा है। हालांकि यह चांद धरती का वाला नहीं बल्कि मंगल ग्रह का ही है जो उसके चक्कर लगा रहा है। नासा के पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल की सतह से, सूर्य के सामने फोबोस की एक बेहद खूबसूरत फोटो कैप्चर की थी। यह मंगल ग्रह का ग्रहण था। नासा ने फोबोस के बारे में बहुत ही अहम जानकारी दी है। नासा के मुताबिक, मंगल के चंद्रमा फोबोस का एक दिन लाल ग्रह से टकराना निश्चित है।

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आपको बता दें कि मंगल ग्रह के दो चांद हैं जिनका नाम फोबोस और डीमोस। फोबोस मंगल के ज्यादा करीब है, जो धीरे-धीरे मंगल के और नजदीक पहुंच रहा है। जबकि, डीमोस मंगल की कक्षा छोड़ने तक हमेशा बाहर की तरफ बढ़ेगा।

नासा के मुताबिक फोबोस हर 100 साल में छह फीट (1.8 मीटर) की दर से मंगल ग्रह के नजदीक जा रहा है। इस दर पर, या तो यह 5 करोड़ सालों में मंगल से टकरा जाएगा। टक्कर से निकला कचरा मंगल ग्रह के चारों तरफ रिंग में बदल जाएगा। यह एकदम शनि ग्रह के रिंग्स जैसा हो सकता है। या फिर मंगल या बृहस्पति ग्रह के बीच मौजूद एस्टेरॉयड्स के छल्लों की तरह दिखेगा।

नासा ने हाल ही में Perseverance द्वारा ली गई ग्रहण की तस्वीर पर चर्चा करते हुए कहा था कि वैज्ञानिकों को पहले से ही पता है कि फोबोस बर्बाद होने जा रहा है। चंद्रमा मंगल ग्रह की सतह के करीब आ रहा है और कुछ करोड़ साल में यह ग्रह से टकराएगा।

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जबकि, हमारा अपना चंद्रमा, हर साल लगभग 3.78 सेंटीमीटर (1.5 इंच) की दर से पृथ्वी से दूर जा रहा है। इसका मतलब यह है कि भविष्य में हमारे वंशज पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं देख पाएंगे। क्योंकि चंद्रमा दूर होकर इतना छोटा दिखेगा कि सूरज को ढक नहीं पाएगा।