केरल के बाद महाराष्ट्र में भी शनिवार को मानसून ने दस्तक दे दी है। शनिवार को पहुंचे दक्षिण पश्चिम मानसून के कारण राज्य के कुछ तटीय इलाकों में बारिश हुई। वहीं मौसम विभाग के अनुसार 15 जून तक दक्षिण पश्चिम मानसून के ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और बिहार में पहुंचने की संभावना है।

महाराष्ट्र में शनिवार को पहुंचे दक्षिण पश्चिम मानसून के कारण राज्य के कुछ तटीय इलाकों में बारिश हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय केंद्र की निदेशक शुभांगी भुते ने कहा कि मानसून उम्मीद के मुताबिक रहा है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया है। यह औपचारिक रूप से तटीय रत्नागिरी जिले में हरनाई बंदरगाह में पहुंच गया है। इसके दस्तक देने का वास्तविक क्षेत्र सोलापुर तथा मराठावाड़ा के कुछ हिस्सों तक और उसके बाद तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश तक होता है।

नये पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अनेक हिस्सों में बूंदाबांदी व बारिश का क्रम अभी जारी रहने का अनुमान है। राज्य में बीते चौबीस घंटे में कई जगह एक से तीन सेंटीमीटर तक बारिश हुई है।

जयपुर मौसम केंद्र के प्रवक्ता के अनुसार एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा व आसपास के क्षेत्र में एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से शनिवार व रविवार को बीकानेर, चूरू, नागौर व हनुमानगढ़ जिलों में आंधी के साथ अचानक 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने व बारिश होने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजधानी में तापमान में गिरावट आने से शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस बारे में बताया। दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

मौसम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे तक 4.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी जबकि सुबह में नमी का स्तर 63 फीसदी था।