कोरोना वायरस की दूसरी लहर भारत के अधिकतर हिस्सों में कम हो गई है। लेकिन अभी मानसून का मौसम ज्यादातर हिस्सों में जारी है जो अपने साथ बीमारियों की झड़ी- बैक्टीरियल, वायरल और फंगल लेकर आता है। ऐसे में उनके खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ कोविड-19 के लिए भी अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहिए। मौसमी संक्रमण के लक्षण कोवड-19 की नकल कर सकते हैं, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। कोविड-19 छींक या खांसी की बूंद और हवा से फैलती है।

मच्छरों से सुरक्षा
वाटर कूलर, टैंक और बालकोनी में पानी के जमाव को चेक करते रहें। उससे ज्यादा, महत्वपूर्ण है कि पूरे बाजू के कपड़े और पतलून खास कर शाम में बाहर निकलते वक्त पहनें। मच्छर भगाने वाले केमिकल और मच्छरदानी भी जरूरी है। उसके अलावा, जहां तक संभव हो सके घर से कीड़े और मच्छरों को दूर करने के लिए धुआं करें।

व्यक्तिगत सफाई
बाहर से लौटने के बाद बीमारियों से सुरक्षा के लिए नहाएं। इससे स्किन पर इकट्ठा कीटाणु को हटाने में मदद मिल सकती है। बीमारी की रोकथाम और व्यक्तिगत सफाई के लिए हमारे हाथ बुनियादी क्षेत्र हैं। साबुन और पानी से खासकर खाने से पहले या वाशरूम के बाद अच्छी तरह से उसको धोना महत्वपूर्ण है। चेहरा को ढंके बिना छींकना या खांसना दूसरी नुकसानदेह आदत है जिससे पूरी तरह परहेज किया जाना चाहिए।

सोशल डिस्टेंसिंग
लॉकडाउन हटने के बाद सार्वजनिक परिवहन का हमने काम के लिए इस्तेमाल करना और जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए बाजार जाना शुरू कर दिया है। ऐसे में कई उपाय जैसे लोगों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है। हो सकता है कि उनमें बीमारी के लक्षण हों। घर से बाहर निकलते वक्त फेस मास्क जरूरी है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए।

फूड और पानी की सफाई
आपको घर पर पर्याप्त फूड और पानी की सफाई सुनिश्चित करने की जरूरत है। सड़क किनारे के फूड को खाने से बचें और कोशिश करें ताजा, घर का बना भोजन खाएं। खुद का बोतल लेज जाने की सिफारिश की जाती है और उबला या प्यूरीफाई किए पानी को तरजीह दें। बरसात के मौसम में हेल्दी रहने के लिए इम्यूनिटी बढ़ानेवाले और मौसमी फूड्स का खाना एक अच्छा तरीका है।

श्वसन तंत्र की सुरक्षा
हवा से फैलनेवाले संक्रमण श्वसन तंत्र को संक्रमित कर सकते हैं और खास देसी उपाय फायदेमंद हो सकते हैं। जहां तक संभव हो सके आपको गर्म पानी पीना चाहिए। योग करने की आदत को भी सुनिश्चित करें और खास ब्रेथिंग एक्सरसाइज जैसे प्राणायाम को शामिल करें।