बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते मध्यप्रदेश में दो दिन पूर्व पहुंचा दक्षिण पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया, जिसके चलते कई जिले में अति वर्षा का 'ओरेंज अलर्ट' जारी किया गया। मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ पी के साहा ने यूनीवार्ता को बताया कि बंगाल की खाडी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते प्रदेश में दो दिन पूर्व पहुंचा दक्षिण पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है और अब यह तेजी से प्रदेश के अन्य स्थानों को भी 'कवर' कर लेगा। 

इसी के चलते आगामी चौबीस घंटों के दौरान जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में अतिवर्षा की चेतावनी जारी की गयी है। डॉ साहा ने बताया कि इसके अलावा विदिशा, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, बैतूल, सागर, रीवा और सतना जिलों में भारी बारिश का ऐलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छह संभागों में अब तक मानसून पहुंच चुका और जल्द ही इसके पूरे प्रदेश को कवर कर लेने के आसार है। इससे पूर्व कल रात राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर झमाझम बारिश हुयी। 

इस बीच भोपाल में 48़ 2 मिलीमीटर (मिमी), पर्यटन नगरी पचमढ़ी में सबसे अधिक 70़ 4 मिमी, छतरपुर के नौगांव में 42.8 मिमी, होशंगाबाद में 38.6 मिमी, दमोह में 29 मिमी, बैतूल में 28.4 मिमी, सागर में 13.8 मिमी, खजुराहो में 15 मिमी के अलावा प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर भी बारिश हुयी है। राजधानी भोपाल में कल रात हुयी बारिश के बाद आज सुबह से आसमान में आंशिक बादल छाए रहे, जिसके चलते धूप छांव का दौर बना रहा। हालांकि यहां गर्मी का अहसास कम रहा, लेकिन उमस महसूस की गयी। आगामी चौबीस घंटों के दौरान वर्षा की संभावना जतायी गयी है।