महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके परिजनों से संबंधित संस्थानों पर हाल में छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने 17 करोड़ रुपये की आय छिपाने का पता लगाया है. आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी .

उन्होंने बताया कि आयकर विभाग ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता से जुड़े नागपुर स्थित एक न्यास में वित्तीय गड़बड़ियों का भी पता लगाया है जो तीन शैक्षणिक संस्थान चलाता है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा, तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों से साफ पता चलता है कि 17 करोड़ रुपये की आय छुपाई गयी थी.

हालांकि, सीबीडीटी ने कहा कि 17 सितंबर को ''नागपुर की एक प्रमुख सार्वजनिक हस्ती और उनके परिजनों के'' नागपुर, मुंबई, दिल्ली और कोलकाता स्थित 30 ठिकानों पर छापेमारी की गई, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई देशमुख के विरुद्ध की गई थी. 

तलाशी के दौरान पाए गए कई बैंक लॉकरों पर निषेधात्मक आदेश लागू किया गया है. महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री 71 वर्षीय देशमुख पर धन शोधन समेत अन्य मामले दर्ज हैं जिनकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहे हैं.

इससे पहले मुंबई में वसूली कांड में अनिल देशमुख के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने लुकआउट नोटिस जारी किया था. नोटिस जारी होने के बाद अनिल देशमुख देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं. देशमुख पर आरोप है कि उन्होंने महाराष्ट्र के गृह मंत्री रहते 100 करोड़ से ज्यादा की वसूली करवाई थी.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पेश होने के लिए प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अनिल देशमुख को पांच बार नोटिस जारी किया गया लेकिन पेश नहीं हुए हैं. एजेंसी ने बताया है कि पेशी को लेकर अनिल देशमुख और उनके वकीलों की ओर से ईडी को हर बार अलग-अलग दलील दी जा रही है.