पाकिस्तान के हरफनमौला खिलाड़ी मोहम्मद हफीज (mohammad hafeez) ने सोमवार को 18 साल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद संन्यास की घोषणा की है। हालांकि, हफीज फ्रेंचाइजी क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना जारी रखेंगे। 41 वर्षीय हफीज ने 3 अप्रैल, 2003 को जिम्बाब्वे के खिलाफ शारजाह में पाकिस्तान के लिए डेब्यू (mohammad hafeez debut match) किया था। उन्होंने कुल मिलाकर 392 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में शिरकत की, जिसमें 55 टेस्ट, 218 वनडे और 119 टी20 मैच शामिल हैं। हफीज ने 12,780 रन बनाए और 253 विकेट लिए। उन्होंने 29 टी20 सहित 32 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी भी की।

हफीज (mohammad hafeez) ने कहा, आज मैं गर्व और संतुष्टि के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूं। वास्तव में, मैंने जितना सोचा था, उससे कहीं अधिक हासिल किया है और इसके लिए, मैं अपने सभी साथी क्रिकेटरों, कप्तानों, सहयोगी स्टाफ और पाकिस्तान क्रिकेट का आभारी हूं। साथ ही मैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिसने मेरी मदद की। कुल मिलाकर हफीज (mohammad hafeez), जिन्हें प्रोफेसर के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने तीन क्रिकेट विश्व कप (2007, 2011 और 2019), छह टी20 विश्व कप (2007, 2010, 2012, 2014, 2016 और 2021) और तीन आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी ( 2006, 2013 और 2017) में भाग लिया है।

वह सरफराज अहमद के नेतृत्व वाली टीम के सदस्य थे, जिसने इंग्लैंड और वेल्स में 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी (ICC Champions Trophy) जीती थी। उन्होंने कहा, मैं बेहद भाग्यशाली और गौरवान्वित हूं कि मुझे 18 साल तक पाकिस्तान के लिए खेलने का मौका मिला। मेरे लिए मेरा देश और मेरी टीम हमेशा सबसे आगे रही हैं और इसलिए, हर बार जब मैंने मैदान पर कदम रखा, तो क्रिकेट की भावना के अंतर्गत अपनी छवि को बढ़ाने की कोशिश की। हफीज ने दिसंबर 2018 में टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया था और लॉड्र्स में 2019 क्रिकेट विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच (mohammad hafeez Last ODI Match) खेला था।