पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के करीबी कहे जाने वाले मोइद युसूफ को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है। माना जाता है कि पिछले दिनों बैक चैनल से भारत और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत में मोइद युसूफ ने अहम भूमिका अदा की थी। 

दिसंबर, 2019 से ही युसूफ पााकिस्तान के पीएम इमरान खान के स्पेशल असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीति से जुड़ी पॉलिसी प्लानिंग का काम सौंपा गया था। अब उन्हें औपचारिक तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार को युसूफ की नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया गया। 

नोटिफिकेशन में कहा गया है, 'प्रधानमंत्री को डॉ. मोइद युसूफ को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर नियुक्त करते हुए खुशी हो रही है। उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है।' 

पाकिस्तान के स्ट्रेटेजिक पॉलिसी प्लानिंग सेल के चेयरमैन पद पर नियुक्ति से पहले युसूफ को यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ पीस के एशिया सेंटर के वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी दी गई थी। मोइद युसूफ ने  'Brokering Peace in Nuclear Environments: US Crisis Management in South Asia' नाम से एक पुस्तक भी लिखी है।

मोइद युसूफ को इमरान खान के साथ ही पाकिस्तानी सेना का भी करीबी माना जाता है। खासतौर पर पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के वह करीबी माने जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई पर्दे के पीछे वार्ता में उनका अहम रोल था। इन वार्ताओं के बाद ही दोनों देशों ने एलओसी पर 2003 में हुए सीजफायर समझौते पर कायम रहने पर सहमति जताई थी। सीजफायर को लेकर हुए फैसले के बाद युसूफ ने एक ऑडियो स्टेटमेंट में इस बात को स्वीकार किया था कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे हुई बातचीत के बाद यह फैसला हुआ है। यही नहीं युसूफ ने यह भी कहा था कि आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ और मुद्दों पर सहमतियां बन सकती हैं।