प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को डेनमार्क की ओर से आयोजित दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और बाद में पेरिस जाएंगे तथा अपने तीन देशों के यूरोप यात्रा के अंतिम दिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।

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दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अन्य नॉर्डिक नेताओं यानी आइसलैंड के प्रधानमंत्री कैटरीन जैकब्सडॉटिर, नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर, स्वीडन के प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन और फिनलैंड के प्रधानमंत्री सना मारिन के साथ बातचीत भी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चल रहे यूरोप यात्रा के दौरान प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि शिखर सम्मेलन में कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार, जलवायु परिवर्तन, नवाचार और प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, विकसित वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और आर्कटिक क्षेत्र में भारत-नॉर्डिक सहयोग जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 

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गौरतलब है कि पहला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम में हुआ था। मोदी ने कहा कि दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में वह 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद से डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ सहयोग का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि वह शिखर सम्मेलन के दौरान नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करेंगे। मोदी ने कहा कि नॉर्डिक देश भारत के लिए स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटलीकरण और नवाचार में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। बाद में अपनी वापसी यात्रा पर मोदी पेरिस में कुछ समय के लिए रुकेंगे और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, अपनी वापसी यात्रा के दौरान, मैं अपने मित्र, राष्ट्रपति मैक्रों से मिलने के लिए पेरिस में रुकूंगा। उन्होंने कहा कि उनकी फ्रांस यात्रा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता की पुष्टि करेगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत और फ्रांस को भारत-फ्रांस सामरिक साझेदारी के अगले चरण की रूपरेखा निर्धारित करने का अवसर प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के दोबारा चुने जाने के ठीक दस दिन बाद उनकी फ्रांस यात्रा से उन्हें मैक्रों को व्यक्तिगत रूप से बधाई देने का मौका मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता की भी पुष्टि करेगा। मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, राष्ट्रपति मैक्रों और मैं विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आकलन साझा करेंगे और चल रहे द्विपक्षीय सहयोग का जायजा लेंगे। यह मेरा दृढ़ विश्वास है कि वैश्विक व्यवस्था के लिए समान दृष्टिकोण और मूल्यों को साझा करने वाले दो देशों को एक दूसरे के साथ निकट सहयोग में काम करना चाहिए। भारत और फ्रांस इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं और दोनों नेताओं के बीच बैठक सामरिक साझेदारी का एक अधिक महत्वाकांक्षी एजेंडा निर्धारित करेगी। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि पीएम की यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत को तीनों देशों के साथ अपने बहुआयामी संबंधों को मजबूत करना जारी रखना है।