रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन के खिलाफ रेप का केस दर्ज करवाने वाली महिला ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। महिला ने बताया कि गोहेन ने रेलवे में नौकरी दिलाने के बहाने दुष्कर्म किया था। नगांव के पुलिस अधीक्षक शंकर बी.आर. ने मीडिया को बताया कि महिला ने गोहेन के खिलाफ रेप और यौन शोषण का मामला दर्ज करवाया है। एफआईआर कथित रूप से 1 अगस्त को दर्ज की गई थी लेकिन घटना 10 अगस्त को सामने आई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायतकर्ता ने एफआईआर में अपना और अपनी बहन का नाम पीडि़ता के रूप में लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी बहन, जिसने एफआईआर दर्ज करवाई, ने कहा कि उसकी छोटी बहन को गोहेन ने रेलवे में जॉब का ऑफर दिया था। इसके बाद गोहेन ने दोनों का यौन उत्पीडऩ किया। शिकायत करने वाली महिला शादीशुदा है। 

वह नगांव के देउरीगांव की रहने वाली है। उसने आरोप लगाया कि रेल राज्य मंत्री नौकरी दिलाने के बहाने पिछले 7 से 8 महीने से यौन शोषण कर रहे थे। बाद में गोहेन ने उनका फोन कॉल उठाना भी बंद कर दिया और नगांव में अपने आवास पर आने से भी रोक दिया। पीडि़ताओं का दावा है कि उनके पास गोहेन की ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसमें वह उनसे गलत तरीके से बात कर रहे हैं। 

आपको बता दें कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने गोहेन के खिलाफ आईपीसी की धारा 417,376 और 506 के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना से असम के लोगों में काफी गुस्सा है और सोशल मीडिया पर भी ट्रेडिंग टॉपिक बन गया है। आपको बता दें कि गोहेन भाजपा नेता हैं, वह 1999 से नगांव लोकसभा सीट से सांसद हैं। गोहेन के बेटे नबारुन गोहेन ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि महिला और उसका परिवार उनके पिता को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे थे।

रेप का आरोप साजिश का हिस्सा है। उधर पीडि़ता के पति ने कहा है कि 8 अगस्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष एफआईआर वापस लेने की अपील की गई थी। कुछ गलतफहमी के कारण हमने 1 अगस्त नगांव सदर पुलिस थाने में को गोहेन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन काफी गलत निरुपण के बाद हमने 6 अगस्त को केस वापस ले लिया और बाद में मजिस्ट्रेट के जरिए हमने 8 अगस्त को केस बंद करने की अपील की लेकिन शुक्रवार को मीडिया के जरिए हमें पता चला कि केस बंद नहीं हुआ है। हम अपील करते हैं कि मामले को अब और हाईलाईट नहीं करना चाहिए। इस बीच नगांव के एसपी ने मीडिया को बताया कि केस पहले ही दर्ज हो चुका है और अब अगर शिकायतकर्ता केस वापस लेना चाहती है तो कानून अपना काम करेगा।