असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोर्इ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीअार्इ के दुरुपयोग का आराेप लगाया है। सीबीआर्इ में जारी घटनाआें को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्य में स्थित सीबीअार्इ कार्यालय के घेराव की घोषणा की।

गोगोर्इ ने कहा कि सीबीअार्इ में जाे कुछ भी हो रहा है, सभी को मालूम है। देश के इतिहास में एेसा कभी नहीं हुआ है। मोदी नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सीबीआर्इ का बेजा इस्तेमाल कर रही है। पूरे घटनाक्रम से भाजपा का पर्दाफाश हो गया है।


पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी बड़ी बातें करते हैं। लेकिन सीबीआर्इ के प्रभारी निदेशक पद पर नियमों को ताक पर रख कर नियुक्ति की गर्इ है। कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर धनबल के इस्तेमाल का अारोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनावाें में सत्ताधारी पार्टी धन आैर बल के दम पर चुनाव लड़ेगी।


बता दें कि सरकार ने यह कार्रवाई आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोपों के चलते की है। राकेश अस्थाना के खिलाफ एक कारोबारी ने 5 करोड़ रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इसी मामले में सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को सोमवार को सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया था।

जिन्हें मंगलवार को 7 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया है। वहीं राकेश अस्थाना पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, जिसके चलते उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। जहां से उन्हें राहत मिल गई है और कोर्ट ने फिलहाल अस्थाना की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सीबीआई को यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया है।