प्रधानमंत्री मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री ने तगड़ा दांव खेला है जिसके बाद लालू की पार्टी सकते में आ सकती है। बिहार विधानसभा चुनाव कुछ ही समय पहले बिहार एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर जेडीयू ने बीजेपी के सामने फॉर्मूला रख दिया। इसके साथ ही अब केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा  रहा है। इस विस्तार में जेडीयू के शामिल हो सकती है। माना जा रहा है कि चिराग पासवान को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

हालांकि यह कहा जा रहा है कि जेडीयू के पास फिलहाल बीजेपी की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है। ऐसे में इस पर किसी तरह की बात की चर्चा अभी जायद नहीं है। वहीं, राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने कहा, "बिहार में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम रहे हैं. जहां केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार का मामला है तो वो प्रधानमंत्री की जवाबदेही है. उसमें हम क्या कर सकते हैं, जहां तक मेरे नाम की चर्चा की बात है तो मैं परमानेंट ही हरेक चीज में चर्चा में रहता हूं. मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात है तो हमारी इसपर कोई चर्चा नहीं है.

बीजेपी के नेता भी जेडीयू के मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात खुलकर नहीं बोल रहे हैं. बिहार बीजेपी के एक बड़े नेता ने कहा कि यह मामला केंद्र का है इसमें उनका कोई रोल नहीं है. दूसरी तरफ ख़राब सेहत को देखते हुए एलजेपी नेता और मंत्री रामविलास पासवान की जगह उनके सांसद बेटे चिराग़ पासवान को मंत्री पद का ऑफर दिया गया है. लेकिन चिराग अभी तय नहीं कर पा रहे कि उनकी आगे की रणनीति क्या होगी.

हालांकि फिलहाल रामविलास मंत्री पद की ज़िम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, लेकिन अब चिराग का भी नंबर आ सकता है। अभी पार्टी विस्तार पर चिराग पासवान मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में मंत्री पद की जिम्मेदारी निभाना कठिन काम है। फिर भी इसपर अंतिम फैसला होना बाकी है। एक तरफ जेडीयू बिहार विधानसभा में सीटों के बंटवारे पर जल्द फैसला करना चाहती है तो दूसरी तरफ चिराग पासवान पार्टी अध्यक्ष पद के साथ केंद्र में मंत्री बनने पर गंभीरता से विचार कर रहे।

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