गरीबों के लिए मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ने देश भर के 10 करोड़ परिवारों के लिए फ्री में इलाज करवाने का रास्ता खोल दिया है। हर साल प्रत्येक परिवार 5 लाख रुपए तक का फ्री इलाज करवा सकती है। इस स्कीम के तहत परिवार में कितने भी सदस्य क्यों न हो सभी इसका फायदा उठा सकेंगे। इस स्कीम का फायदा सभी का ठीक से मिल सके इसके लिए काउंसिल का गठन भी किया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता हेल्थ मिनिस्ट्री करेगी।


कैबिनेट ने मंजूर की आयुष्मान भारत हेल्‍थ स्‍कीम

इस साल पेश किए गए बजट में एक हेल्‍थ स्‍कीम लाने की घोषणा की गर्इ थी। कैबिनेट ने बुधवार को 'आयुष्मान भारत' के नाम से इस योजना को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस स्कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की योजना बनाई है। अगर इसे लागू किया जाता है तो यह दुनिया में इस तरह की सबसे बड़ी स्कीम होगी। केंद्र सरकार इसके लिए 60 पर्सेंट और राज्य 40 पर्सेंट प्रीमियम चुकाएंगे। 

 
परिवारों के चयन का आधार

इस स्‍कीम के तहत 5 लाख रुपए के हर साल मुफ्त इलाज का फायदा लेने के लिए तय मानकों में से किसी एक को पूरा करना होगा। सरकार की तरफ से कई सारे मानक तय किए गए हैं। स्‍कीम में गरीब परिवारों के चयन का आधार सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना -2011 को बनाया गया है।
 
 

ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के लिए शर्तें

एक कमरे का कच्‍चा मकान, खपरैल में रहने वाली फैमली और ऐसी फैमली जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच की उम्र का कोई अडल्‍ट सदस्‍य न हो। महिला मुखिया वाले परिवार, जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच का कोई पुरुष न हो। एेसे परिवार जिनमें विकलांग सदस्‍य हो और उसकी देखरेख करने वाला कोई अडल्‍ट सदस्‍य परिवार में न हो। एससी और एसटी के अलावा ऐसे परिवार जिनके पास जमीन न हो और उनकी आमदनी कैजुअल मजदूरी हो। जिन परिवारों के पास छत न हो और कानूनी रूप से बंधुआ मजदूरी से मुक्‍त कराए गए हों।


 
शहरी क्षेत्र के परिवारों के लिए शर्तें

सरकार ने शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को स्‍कीम का फायदा मिलेगा। गरीबों के चयन के लिए कई कैटेगरी बनाई गई हैं। कुल मिलाकर 11 कैटेगरी में शहरी गरीबों को बांटा गया है, जो इस स्‍कीम का फायदा ले सकेंगे।

 

स्कीम में मिलेंगी ये सुविधाएं

इसके अंतर्गत प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपए तक का कवर मिलेगा। इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा। इसके  अलावा कोई भी व्यक्ति (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कीम में फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है। इस स्कीम में हॉस्पिटलाइजेशन से पहले और बाद के खर्च को भी शामिल किया गया है। हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है, जिसका भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा।

इन अस्पतालों में होगा इलाज

इस स्कीम का फायदा देश भर में लिया जा सकेगा। साथ ही स्कीम के तहत पैनल में शामिल देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। राज्यों के सभी सरकारी अस्पताल इस स्कीम में शामिल माने जाएंगे। इसके अलावा इम्प्लाई स्टेट इन्श्योरेंस कॉर्पोरेशन (ईएसआईसी) से संबंधित अस्पतालों को बेड ऑक्यूपैंसी रेश्यो के पैरामीटर के आधार पर इसके पैनल में शामिल किया जा सकता है। प्राइवेट अस्पतालों के मामले में निश्चित क्राइटीरिया के आधार ऑनलाइन इम्पैनल्ड किया जाएगा।
 
 

10 करोड़ फैमिली को होगा फायदा

प्रस्तावित स्कीम का टारगेट एसईसीसी डाटाबेस के आधार पर गरीब और निचले तबके में आने वाले 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मिलेगा। एबी-एनएचपीएम में पहले से ही चल रहीं केंद्र प्रायोजित स्कीम्स राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) और सीनियर सिटीजन हैल्थ इन्श्योरेंस स्कीम (एससीएचआईएस) समाहित हो जाएंगी।