मोदी सरकार का पूर्वोत्तर प्रेम आज पूर्वोत्तर को विकास की नै दिशा प्रदान कर रहा है एक समय में भारत की मुख्यधारा से कटा रहने वाला पूर्वोत्तर आज विकास के नए आयाम छू रहा है।

भारत के पूर्वोत्तर सूबों को रेल सेवा से लगातार जोड़ने का काम मोदी सरकार के द्वारा किया जा रहा है। सरकार के द्वारा विकास में भागीदार बनाने के के उद्देश्य से पूर्वोत्तर के राज्यों को रेल सेवा की सौगात देने के काम को प्रमुखता से किया जा रहा है। हाल के दिनों में केंद्र सरकार का ध्यान लगातार पूर्वोत्तर के राज्यों के विकास पर केंद्रित है जो लंबे समय से अलगाव का दंश झेल रहे थे।

इसमें पूर्वोत्तर को हाल हीं में मिली रेल सेवाओं को भी शुमार किया जा सकता है। मोदी सरकार ने पिछले साल अरुणाचल से दिल्ली तक भी रेल सेवा की शुरुआत की थी। जिससे साफ हो गया था कि मोदी सरकार की मंशा यहां विकास को बढ़ावा देने की है।


इसके साथ ही पूर्वोत्तर को एक और रेल सेवा का विस्तार केंद्र सरकार के द्वारा तोहफे के रूप में मिलने जा रहा है। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन बहुप्रतीक्षित अगरतला राजधानी एक्सप्रेस को 28 अक्टूबर को अगरतला रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि यह औपचारिक रूप से छह नवंबर से चलेगी। यानी असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ के बाद त्रिपुरा का अगरतला राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन हासिल करने वाला पूर्वोत्तर का तीसरा शहर होगा।


रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रणबज्योति शर्मा ने कहा कि अगरतला-आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को केंद्रीय रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन 28 अक्तूबर को अगरतला रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाएंगे। त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। ट्रेन को हालांकि कल हरी झंडी दिखाई जाएगी, लेकिन यह औपचारिक रूप से छह नवंबर से चलेगी।

असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ के बाद त्रिपुरा का अगरतला राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन हासिल करने वाला पूर्वोत्तर का तीसरा शहर होगा। मतलब साफ है पूर्वोत्तर के राज्यों के विकास को लेकर मोदी सरकार काफी गंभीर नजर आ रही है और ऐसे में अगरतला से राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन इसी कड़ी का हिस्सा है।आगे भी केंद्र सरकार की कई सारी योजनाएं पूर्वोत्तर के राज्यों के विकास के लिए मॉडल के रूप में तैयार हैं। जिसपर केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।