मोदी सरकार केंद्र भारत में 36,000 बस्तियों को "मॉडल ट्रायबल विलेज " में बदलने की योजना बना रहा है। केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने असम के गुवाहाटी में यह घोषणा की है। इन्होंने कहा कि इन बस्तियों को "आदर्श आदिवासी गांवों" में बदलने के दौरान, ग्रामीण विकास, वनों की सुरक्षा और स्वदेशी लोगों की जातीय प्रथाओं पर जोर दिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुल 36,000 गांवों में से 1700 असम में होंगे। केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने बताया कि "हम इन गांवों को इस तरह से बदलने की योजना बना रहे हैं कि ग्रामीण विकास, जातीय या स्वायत्त प्रणालियों की सुरक्षा, वन अधिकार और उद्यमिता जैसे कारकों पर ध्यान दिया जा सके।"

उन्होंने कहा कि इन गांवों को बदलने से बुनियादी सुविधाओं में सुधार भी सुनिश्चित होगा। केंद्र ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ योजना पर चर्चा की है। 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी आबादी वाले गांवों को वरीयता दी जाएगी। अब देश में गांव भी मॉर्डन नजर आएंगे।