क्रिप्‍टोकरेंसी और इससे संबंधित मुद्दों पर प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  ने एक महत्वपूर्ण बैठक की. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में इस बात की जरूरत महसूस की गई कि अधिक लाभ और गैर पारदर्शी तरीके (Mislead the youth through high-profit and non-transparent way of advertisements)  के विज्ञापनों के जरिए युवाओं को गुमराह करने वाली कोशिशों पर रोक लगानी चाहिए. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अनियंत्रित क्रिप्‍टो बाजार (Crypto market) को मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) और टेरर फंडिंग (Terror funding)  का जरिया नहीं बनने दिया जा सकता है.

बैठक में चर्चा हुई कि सरकार ये बात तो जानती है कि ये उभरती हुई तकनीक है, लिहाजा सरकार इस पर करीब से नजर रखे हुए है और इस संबंध में कई जरूरी कदम भी उठाएगी. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सरकार इस मामले में प्रोग्रेसिव और भविष्य को ध्‍यान में र‍खते हुए सभी जरूरी कदम उठाए. सरकार इस मामले में विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर से बात करती रहेगी. चूंकि ये मामला देशों की सीमाओं में नहीं बंध सकता, लिहाजा इस मामले में वैश्विक साझेदारी की भी जरूरत है.

बैठक में वित्त, गृह मंत्रालय और इससे जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. बैठक में विश्व के विकसित देशों में क्रिप्‍टो बाजार को लेकर अपनाई गई नीतियों पर भी चर्चा की गई. दरअसल पिछले कुछ समय में अचानक क्रिप्‍टोकरेंसी के बाजार (cryptocurrency market)  में काफी तेजी देखी गई है. इससे जुड़े विज्ञापनों में भी अचानक से काफी तेजी आई है, जिसमें कई तरह के भ्रामक वादे किए जाते हैं. चूंकि ये नवीन तकनीकी बाजार है, लिहाजा युवाओं के इसमें लालच में फंसने की संभावना ज्यादा है. यही कारण है कि सरकार अब इस पर विशेष ध्‍यान दे रही है.