देश में डिजिटल तरीके से लोन बांटने वाले 27 ऐप्लीकेशन को सरकार ने ब्लॉक कर दिया है। संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से ये जानकारी दी गई है। कर्ज लेने वालों का जीवन बर्बाद करने वाले और धोखाधड़ी करने वाले चीनी लेंडिंग ऐप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि न सिर्फ गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय बल्कि राज्य सरकारों से भी इस दिशा में कार्रवाई के लिए कहा गया है।

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय को कर्ज देने वाले 27 ऐप्लीकेशंस को ब्लॉक करने के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से अनुरोध मिला था जिन्हें ब्लॉक कर दिया गया है। 

सरकार ने ये भी बताया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान को डिजिटल कर्ज के लिए एजेंट नियुक्त करने की जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी देनी जरूरी है। साथ ही सरकार की तरफ ये भी साफ किया गया है कि ऐसे ऐप के लिए भी ये जरूरी होगा कि वो ये बताएं कि वो किस बैंक या फिर गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।

इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों के भी संपर्क साधते हुए सुरक्षा एजेंसियों के जरिए कड़े कदम उठाने के लिए कहा है। और बैंकों के क्षेत्रीय कार्यालयों को राज्य पुलिस को किसी भी धोखाधड़ी से तुरंत निपटने के निर्देश दिए जा चुके हैं। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए रिजर्व बैंक ने भी इस साल जनवरी महीने में एक वर्किंग कमेटी का गठन किया जा जिसके जिम्मे ऐसे मामलों के सभी पहलुओं का अध्ययन करते हुए सुझाव देने का काम सौंपा गया है ताकि ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा सहायता मिल सके।