प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन आज शाम होने जा रहा है जिसमें 43 सांसदों को शपथ दिलायी जायेगी। इससे पहले मौजूदा मंत्रिपरिषद के 11 मंत्रियों ने त्यागपत्र देकर मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन का रास्ता साफ किया। नयी मंत्रिपरिषद की सदस्य संख्या 78 होगी। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शाम करीब छह बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नये मंत्रियों को शपथ दिलायेंगे। इन 43 लोगों में सात लोग - किरेन रिजीजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया, परषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी और अनुराग सिंह ठाकुर मौजूदा मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री हैं, जिन्हें पदोन्नत किया जा रहा है। जिन लोगों को शपथ दिलायी जायेगी उनमें नारायण राणे, सर्वानंद सोनोवाल, वीरेन्द्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैष्णव, पशुपति कुमार पारस, किरेन रिजीजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया, भूपेन्द्र यादव, परषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी, अनुराग सिंह ठाकुर, पंकज चौधरी,  अनुप्रिया पटेल, डॉ. सत्यपाल सिंह बघेल, राजीव चंद्रशेखर, शोभा करंदलाजे, भानुप्रताप सिंह वर्मा,  दर्शना विक्रम जरदोश, मीनाक्षी लेखी, अन्नपूर्णा देवी, ए. नारायणस्वामी, कौशल किशोर, अजय भट्ट, बी, एल वर्मा, अजय कुमार, देवूसिंह चौहान, भगवंत खूबा, कपिल मोरेश्वर पाटिल, प्रतिमा भौमिक, डॉ. सुभाष सरकार, डॉ. भगवत किशोर राव कराड, डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, डॉ. भारती प्रवीण पवार,  बिश्वेसर टूडू, शांतनु ठाकुर, डॉ. महेन्द्र भाई मुंजापारा, जॉन बारला, डॉ. एल मुरुगन और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। 

इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार, रसायन एवं उरर्वक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री प्रताप सारंगी, वन और पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया और खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राव साहेब दानवे शामिल हैं। इससे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक का राज्यपाल बनाये जाने की घोषणा के बाद त्यागपत्र दिया है। तीस मई 2019 को मोदी के मंत्रिमंडल में 57 मंत्री बनाये गये थे, जिनमें 24 कैबिनेट, नौ स्वतंत्र प्रभार तथा 24 राज्यमंत्री शामिल थे। लेकिन शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के कारण  अरविंद सावंत और हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दिया था। 

इसके साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के निधन के कारण कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 21 रह गयी थी। रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी की गत वर्ष कोविड के कारण मृत्यु होने के कारण कुल मिलाकर 53 मंत्री रह गये थे।  गहलोत सहित 11 मंत्रियों के हटाने के बाद पुराने मंत्रियों की संख्या 42 रह गयी है। संविधान के मुताबिक मंत्रिपरिषद में सदस्यों की अधिकतम संख्या 81 हो सकती है। आज जो 43 सदस्य शपथ लेने वाले हैं उनमें नये चेहरे 36 होंगे। इस प्रकार से नये पुनर्गठित मंत्रिपरिषद में सदस्यों की कुल संख्या 78 होगी।