पूर्व कृषि मंत्री व सारठ से भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक रणधीर सिंह का विवादित वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो विजय जुलूस का बताया जा रहा है। वीडियो में रणधीर सिंह सारठ के बंजरबली चौक पर भीड़ को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान वे कई आपत्तिजनक बातें कहते दिख रहे हैं। उन्होंने सारठ के परसरी में एक घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई है। मार का बदला मार होना चाहिए।

वायरल वीडियो में रणधीर सिंह कह रहे हैं कि सारठ विधानसभा क्षेत्र में 72 साल के बाद जनता ने कमल खिलाया है। यहां लोग कहते थे कि भाजपा नहीं जीत सकती, मैंने पहले ही कहा था कि कोई घोड़ा कमजोर नहीं होता... घोड़ा पर चढ़ने वाला घुड़सवार मजबूत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि घोड़े पर रणधीर सिंह जैसा घुड़सवार चढ़ा था और 29 हजार से अधिक वोट जीता। सारठ विधानसभा में कोई फतवा नहीं चलेगा।

फतवा बंद कर दो, विकास के साथ चलो, रणधीर सिंह विकास की बात करता है। ये मत समझना कि सरकार बदल गया तो रणधीर सिंह की ताकत खत्म हो गई है। रणधीर सिंह की पहले जैसी चलती रहेगी। हाथी को महावत कंट्रोल करता है, हेमंत को रणधीर कंट्रोल करेगा। मियां (मुसलमान) वोट नहीं देगा तो रणधीर सिंह एमएलए नहीं बनेगा?

 वायरल वीडियो में रणधीर सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने फतवा जारी किया था कि सब वोट कंघी (झाविमो) में दो... देखिये परसनी में जो घटना घटी है... पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी। लेकिन हमारे लोगों को मारा गया है। मार का बदला मार होना चाहिए। जिसने कार्यकर्ताओं को मारा है हुल मुखिया... हुल मुखिया रोड में जहां मिले, उसे मारो... छोड़ो मत। उन्होंने कहा कि जो अंगुली दिखाएगा... अंगुली खींच लो। पुलिस की कार्रवाई अपनी जगह है। लेकिन पुलिस कार्रवाई से कुछ नहीं होता।

रणधीर सिंह ने बीते 10 जनवरी 2018 को देवघर के सारठ विधानसभा में वन भोज कार्यक्रम के दौरान पार्टी के खिलाफ विवादित बयान दिया था। पूर्व मंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने कहा था कि हम बीजेपी को तेल नहीं लगाएंगे बल्कि बीजेपी हमलोगों को तेल लगाएगी। हमारा निकाह जनता के साथ हुआ है, बीजेपी के साथ नहीं।

रणधीर सिंह 2014 के विधानसभा चुनाव में सारठ विधानसभा सीट से झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। कुछ महीनों बाद वे झाविमो छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके बाद उन्हें पूर्व की रघुवर सरकार में कृषि मंत्री बनाया गया था।