मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के मुताबिक राज्य में अक्टूबर 1990 से इस साल अगस्त तक कम से कम 18,081 लोग एचआईवी संक्रमण से ग्रस्त पाए गए हैं। यह संख्या 11 लाख की आबादी वाले राज्य का 1.6 फीसदी है। पिछले साल 16 नवंबर को मिजोरम विधानसभा को सूचित किया गया था कि राज्य में 14,632 एचआईवी ग्रस्त लोगों की पहचान की गई है।

इंडियन एचआईवी एस्टिमेशन्स 2017 टेक्निकल रिपोर्ट के मुताबिक मिजोरम एचआईवी संक्रमण के मामले में देश में पहले स्थान पर है। इनमें से 66 फीसदी एचआईवी संक्रमण के मामले असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से हैं।

इसके बाद इंजेक्शन की सुई के दोबारा इस्तेमाल की वजह से संक्रमण के मामले हैं, जबकि करीब एक फीसदी मामले समलैंगिकता के कारण सामने आए हैं। राज्य के 25-34 साल आयु वर्ग में एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या 42 फीसदी से अधिक है जबकि 35-49 आयु वर्ग के 26 फीसदी लोग एचआईवी से संक्रमित हैं।


रिपोर्ट के अनुसार मिजोरम उन पांच राज्यों में शामिल है जहां संक्रमण से पीड़ित लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर इसमें कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मिजोरम के बाद मणिपुर में 1.43 प्रतिशत और नगालैंड में 1.15 फीसदी मामले मिले हैं।