आईजोल। सेंट्रल पूल से एमबीबीएस सीटों के लिए मिजरोम स्टेट कोटा घटाकर आठ सीट का कर दिया गया है। यह मिजोरम के अधिकारियों और छात्र संगठनों के लिए चौंकाने वाला है। इस साल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सेंट्रल पूल से मिजोरम के छात्रों के लिए 17 मेडिकल सीटें आवंटित की थी। पिछले साल के मुकाबले आठ सीटें घटाई गई है। राज्य की अपेक्स स्टूडेंट्स बॉडी एमजेपी ने मिजोरम के लिए सेंट्रल पूल कोटा में कटौती पर गहरी निराशा व्यक्त की है। इसे मिजोरम के लोगों के प्रति उपेक्षा करार दिया है। 

एमजेपी ने कहा, पिछले सालों में मिजोरम को सेंट्रल पूल से सामान्यतया एमबीबीएस की 25 से 27 सीटें आवंटित की जाती रही है। और यही नहीं मिजोरम के छात्रों के लिए आवंटित मेडिकल कॉलेज भी लॉ रैंकिंग कॉलेज हैं। केन्द्र सरकार ने मिजोरम के साथ ऐसा क्यों किया? एमजेपी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मिजोरम के लिए सेंट्रल पूल से पिछले साल जितनी एमबीबीएस की सीटें आवंटित करने का अनुरोध किया है। 

एमजेपी की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि मिजोरम के पास खुद का कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है। देश भर के  अलग अलग मेडिकल कॉलेजों में मिजोरम का स्टेट कोटा 25 से 27 सीटों का था। राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी के बावजूद इस साल एमबीबीएस की सीटें घटाकर 17 कर दी गई। मिजोरम के दो सांसदों सी.एल.रुआला(लोकसभा) और रोनॉल्ड सपा लअु(राज्यसभा) ने एमबीबीएस की सीटों में कटौती को लेकर नाराजगी प्रकट की है। 

नड्डा हिमाचाल प्रदेश में थे तो दोनों सांसदों ने मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरुण सिंघल से मुलाकात की। संयुक्त सचिव ने दोनों सांसदों को बताया कि वह उनकी भावनाओं को समझते हैं लेकिन वह कुछ नहीं कर सकते क्योंकि यह केन्द्र सरकार का फैसला है। सिंघल ने कहा कि राज्य के लिए सेंट्रल पूल से एमबीबीएस सीटों का आवंटन प्रत्येक राज्य की आबादी के आधार पर किया गया है। एक लाख की आबादी वाले राज्यों के लिए दो से पांच सीटें आवंटित की गई है। मिजोरम के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री आररोमाविया नई दिल्ली गए हैं। वह केन्द्र सरकार से मिजोरम के लिए सीट आवंटन में बढ़ोतरी का आनुरोध करेंगे।