मिजोरम के मुख्यमंत्री लल थनहवला के सुरक्षा गार्ड्स ने एक ट्रक ड्राइवर को जमकर पीटा क्योंकि उसने हाईवे पर उन्हें कथित रूप से साइड देने से मना कर दिया था। इस घटना को लेकर लोग बहुत गुस्से में है। सोशल मीडिया पर लोग सुरक्षा गार्ड्स के खिलाफ अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। घटना को लेकर विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट(एमएनएफ)ने मुख्यमंत्री लल थनहवला पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्ड्स की हरकत की कड़ी निंदा करते हुए एमएनएफ ने उनके लिए उचित दंड की मांग की है। साथ ही पीडि़त को उचित मुआवजा देने को कहा है। पीडि़त ट्रक ड्राइवर आईजोल के पास स्थित सिहफिर गांव का रहने वाला है। उसका नाम लालबिआकजुआला है। 

सुरक्षा गार्ड्स की ओर से किए गए हमले के बाद उसे दुर्तलांग के प्रेसबाईतेरियन अस्पताल में भर्ती कराया गया। लालबिआकजुआला के पिता ने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। घटना 22 जनवरी की रात आईजोल-कोलासिब रोड की है। मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्ड्स कोलासिब से आईजोल जा रहे थे। उनके साथ मुख्यमंत्री लल थनहवला नहीं थे क्योंकि वह पहले ही हेलिकॉप्टर से आईजोल पहुंच चुके थे। मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्डों के मुताबिक ट्रक ड्राइवर ने सायरन के बावजूद उन्हें पास देने से मना कर दिया। ट्रक ड्राइवर ने तब तक पास नहीं दिया जब तक वह सड़क किनारे स्थित पेट्रोल पंप पर रुक नहीं गया। दो किलोमीटर तक हमें उसके पीछे पीछे चलना पड़ा। सुरक्षा गार्डों के मुताबिक जब ट्रक ड्राइवर पेट्रोल पंप पर रुका तो हमने उसके चेहरे पर चांटा जड़ दिया। 

उधर लालबिआकजुआला ने दूसरी ही कहानी बयां की है। वह लकडिय़ों से लदा ट्रक चलाता है। लालबिआकजुआला ने कहा. ट्रक ओवर लोडेड था और संकरी सड़क व पहाड़ी होने के कारण पीछे से आने वाले वाहन को पास देना संभव नहीं था। बकौल लालबिआकजुआला, जैसे ही मैं पेट्रोल पंप पर पहुंचा, जहां पर्याप्त स्पेस था, मैंने उन्हें पास दे दिया। जब उन्होंने मेरा ट्रक पास किया तो वे रूक गए और अपने वाहनों से नीचे उतरे। 

उन्होंने मुझे मेरे ट्रक से खींचकर नीचे उतारा और मुझे पीटने लगे। जब मैं बेहोश हो गया तो वे मेरा ड्राईविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज लेकर चले गए। लालबिआकजुआला के पिता ने डैमेज के एवज में 5 लाख रुपए की मांग की है। मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्डों की इस करतूत की कड़ी निंदा करते हुए एमएनएफ ने उनके लिए उचित दंड की मांग की है। साथ ही पीडि़त को मुआवजा देने को कहा है।