जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें तैरने लगी कि असम के तीन और जवान शहीद हुए हैं। असम के जिन तीन जवानों की शहादत की अफवाह उड़ाई गई वो हैं पबित्र बर्मन, मिजिंग बासुमातारी और अनंता सैकिया।


हमले के बाद जब तीनों जवानों से संपर्क नहीं हो पाया तो उनके गृह नगरों में हडक़ंप मच गया। कहा गया कि तीनों आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं। सोशल नेटवर्किंग साइटों पर उनकी शहादत की खबर आग की तरह फैल गई। हालांकि तीनों के परिवार के सदस्यों ने शहादत की खबरों को अफवाह करार दिया। अनंता की बहन पूर्णिमा सैकिया ने कहा, ईश्वर की कृपा से अनंता सुरक्षित है। उसने आज ही हमसे बात की। वह उस बस में थे जो सीआरपीएफ के उस काफिले से काफी आगे थी जिस पर आत्मघाती हमला हुआ। अनंता नगांव जिले के गोरुबंधा के रहने वाले हैं।


बोंगईगांव के रहने वाले पबित्र ने बताया कि वह सुरक्षित है। पबित्र ने फेसबुक पर लिखा, दोस्तों, मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं। मैं वहां नहीं था। मैं कश्मीर के किसी अन्य जिले में तैनात हूं, जो उस पुलवामा से काफी दूर है, जहां आतंकी हमला हुआ। जय हिंद। मिजिंग ने अपनी शहादत की खबरों को झूठा करार देते हुए फेसबुक टाइमलाइन पर लिखा ये फेक न्यूज है। मैं बिल्कुल ठीक हूं। मिजिंग उदलगुरी का रहने वाला है। आपको बता दें कि सीआरपीएफ के जिस काफिले पर हमला हुआ उसमें 78 वाहन थे। इन वाहनों में 2500 जवान सवार थे।


जम्मू में सीआरपीएफ के प्रवक्ता एस.कुमार झा ने बताया कि जवान छुट्टियों से लौट रहे थे। काफिल जम्मू में चन्नी रामा ट्रांजिट कैंप से शुरू हुआ। काफिला 14 फरवरी की दोपहर 3.30 बजे जम्मू से निकल
चुका था। वहां से गंतव्य स्थल करीब 320 किलोमीटर दूर था। हमला तब हुआ जब काफिला गंतव्य स्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर था। आपको बता दें कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले को 18 सितंबर को उरी में आर्मी के कैंप पर हुए हमले के बाद सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।