सिंगापुर में कोरोना वायरस महामारी (COVID-19 cases) के बढ़ते मामलों के बीच बच्चों में पाए जाने वाले इन्फेक्शन एमआईएस ( Multi-System Inflammatory Syndrome MIS-C) के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार वायरस के मामलों को नियंत्रित करने की कोशिश में लगी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शनिवार को यहां कोविड-19 के 3,035 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 12 मरीजों की मौत हुई है (Singapore Covid-19 Cases)। देश में अब तक संक्रमित हुए करीब 8,000 बच्चों में से चार में ये ‘दुर्लभ’ बीमारी मिली है। इन बच्चों में एमआईएस की पुष्टि हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल अक्टूबर से नवंबर के बीच दो महीने से आठ साल की उम्र के चार एमआईएस मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन चार मरीजों में से एक चार साल के बच्चे को आईसीयू में भर्ती कराया गया। जो वेंटीलेटर पर है जबकि एक बच्चा सामान्य वार्ड में भर्ती है। वहीं, दो को छुट्टी दे दी गई है। गौरतलब है कि पिछले साल मई में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय समीक्षा अध्ययन में बताया गया था कि 0.14 फीसदी संक्रमित बच्चों में एमआईएस के मामले मिले हैं।

इससे पता चला है कि कोरोना वायरस के प्रभावित 10 हजार बच्चों में से 14 एमआईएस से पीड़ित हुए हैं। सिंगापुर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इसके अलावा वहां मृतकों की संख्या भी कम नहीं हो रही। जिसके बाद से ऐसी आशंका है कि सरकार कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंध लगा सकती है। साथ ही सरकारी अधिकारियों को बिना भुगतान के छुट्टी पर भेजने की बात भी हो रही है।

करीब तीन दिन पहले खबर आई थी कि सिंगापुर ने उन सरकारी कर्मचारियों को बिना वेतन की छुट्टी पर भेजने की चेतावनी दी है, जो योग्य होने के बावजूद राष्ट्रव्यापी टीकाकरण से बचने की कोशिश कर रहे हैं (Vaccination in Singapore)। सिंगापुर में बुधवार को कोविड-19 के 3,635 नए मामले आए थे, जिनमें से 409 संक्रमित डॉर्मेट्री में रह रहे थे और प्रवासी कामगार हैं।

देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को घोषणा की थी कि जिन कर्मचारियों ने कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं (Singapore Coronavirus Rules) या गत 270 दिनों में संक्रमण से उबरे हैं, उन्हें एक जनवरी 2022 से अपने कार्यस्थल पर जाने की अनुमति दी जाएगी।