महंगाई के मोर्चे पर मामूली राहत देखने को मिली है। फरवरी में थोक महंगाई दर घटकर 2.26 फीसदी पर आ गई है। जनवरी में थोक महंगाई दर 3.1 फीसदी पर रही थी। दालों और सब्जियों की महंगाई दर में कमी आने से महंगाई दर में ये गिरावट देखने को मिली है। हालांकि अंडे और मांस-मछली की महंगाई दर में थोड़ी तेजी फरवरी में देखने को मिली है। इनका मिलाजुला असर थोक महंगाई दर पर देखने को मिला है।


अंडे और मांस-मछली की महंगाई दर 6.73 फीसदी से बढ़कर 6.88 फीसदी पर आ गई है और दालों की महंगाई दर में कमी देखी गई है। आलू की महंगाई दर में भी कमी देखी गई है और सब्जियों में इसके दाम में कमी का असर खाद्य महंगाई में कटौती के तौर पर देखा जा रहा है।


बीते कुछ महीनों से थोक महंगाई दर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जनवरी और इससे पिछले महीनों में इसमें लगातार इजाफा देखा गया है। जनवरी 2020 में थोक महंगाई दर 3.1 फीसदी थी तो दिसंबर 2019 में थोक महंगाई दर 2.59 फीसदी पर आई थी। इसके अलावा नवंबर में यह दर 0.58 फीसदी थी। इस तरह देखा जाए तो लगातार कुछ महीनों में थोक महंगाई दर में तेजी आती जा रही है। आर्थिक जानकारों के मुताबिक सब्जियों के दामों में आई तेजी के चलते पिछले कुछ महीनों में थोक महंगाई दर लगातार बढ़ती जा रही है।


फरवरी में थोक खाद्य महंगाई दर घटकर 7.31 फीसदी रही है वहीं जनवरी में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 10.12 फीसदी रही थी। प्राइमरी ऑर्टिकल्स की थोक महंगाई दर फरवरी में 6.71 फीसदी रही है और ये जनवरी में 10.01 फीसदी रही थी। मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर बढ़कर 0.42 फीसदी रही है जबकि जनवरी में ये 0.34 फीसदी पर आई थी।


फरवरी में सब्जियों की थोक महंगाई दर में कमी देखी गई। फरवरी में सब्जियों की महंगाई दर घटकर 29.97 रही है जो कि जनवरी में 52.72 फीसदी पर आई थी। फरवरी में दालों की महंगाई दर घटकर 11.42 फीसदी पर आई है जो जनवरी में 12.81 फीसदी रही थी।