भारत सरकार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की फर्जी ईमेल आईडी बनाने का मामला सामने आया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के ग्रामीण विकास विभाग (डीओआरडी) के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा (Nagendra Nath Sinha) की यह फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई है। इस मेल आईडी से डीओआरडी  (dord) के कई हितधारकों को धोखा देने वाले ईमेल भी भेजे गए हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के मुताबिक इस फर्जी आईडी से दीनदयाल उपाध्याय- ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत एक परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी- डेटाप्रो कंप्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड की परियोजनाओं को बंद करने के संबंध में एक विशेष ईमेल भेजा गया है। इस फर्जी ईमेल को ग्रामीण विकास विभाग (Ministry of Rural Development) के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा के फर्जी हस्ताक्षर (साइन ऑफ) के साथ विभिन्न राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और कौशल इकोसिस्टम के अन्य हितधारकों को भी भेजा गया है।

ग्रामीण विकास विभाग (Rural Development Department) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस बीच यह कहा गया है कि चूंकि ये एक फर्जी ईमेल आईडी (fake email id) है, इसलिए इस आईडी के साथ किसी भी संचार की उपेक्षा की जानी चाहिए, यानी इस आई से भेजे गए किसी भी ईमेल को नजरअंदाज किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने इस विषय में आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि इसके अलावा इस ईमेल आईडी की किसी भी छल संबंधित गतिविधि का भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा से कोई संबंध नहीं है।

मंत्रालय द्वारा इससे आगे यह बताया गया है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग (Rural Development Department) की ओर से कोई भी आधिकारिक संचार आधिकारिक माध्यमों और ईमेल डोमेन के जरिए किया जाता है। भारत सरकार के आधिकारिक डोमेन नामों के बाहर से आने वाले ईमेल की प्रामाणिकता के लिए उसकी जांच की जानी चाहिए। गौरतलब है कि हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्रालय और फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इसके तहत कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों सहित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादकों को फ्लिपकार्ट समर्थन से राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। एमओयू की प्रमुख विशेषताएं यह है कि इसमें एसएचजी सदस्यों और समूहों (एसएचजी का भौगोलिक समूह) को ऑन-बोर्डिंग उत्पादों के लिए प्रशिक्षण सहायता प्रदान की जाएगी। 6 महीने की अवधि के लिए प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए सभी कमीशन शुल्क की छूट रहेगी। प्रति विक्रेता अधिकतम 100 उत्पादों के लिए कैटलॉगिंग समर्थन होगा। इसके अलावा अन्य लाभ जैसे वेयरहाउसिंग और खाता प्रबंधन आदि के लिए समर्थन मिलेगा।