केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने असम और पडोसी राज्यों को राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के मसौदे के प्रकाशन से पहले और बाद में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए सभी कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।


राज्य सरकार और पुलिस से कहा गया है कि नागिरकता रजिस्टर के मसौदे के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं की जाये। सरकार से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तर की समन्वय समिति गठित करने को कहा गया है जिससे कि राज्यों की एजेन्सियों, नगारिकता रजिस्टर अधिकारियों और केन्द्रीय एजेन्सियों के बीच तालमेल बनाया जा सके।


राज्य की राजधानी और जिला मुख्यालयों में शिकायतों की सुनवाई के लिए चौबीस घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष बनाने को कहा गया है। राज्य सरकार से कहा गया है कि नागरिकता रजिस्टर के मसौदे के आधार पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम रजिस्टर में नहीं आता है तो उसके मामले को विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण मेंं नहीं भेजा जायेगा क्योंकि अंतिम रजिस्टर के प्रकाशन से पहले उस व्यक्ति को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जायेगा।


किसी व्यक्ति को अभी हिरासत केन्द्रों में भेजने का भी सवाल ही नहीं उठता। राज्य सरकार और पुलिस को इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। भारत के महापंजीयक से कहा गया है कि वह वेबसाइट, टोल फ्रीर नम्बरों और एसएमएस आदि सभी संचार माध्यमों से लोगों को नागरिकता रजिस्टर के बारे में जानकारी उपलब्ध कराये।


केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह असम के लोगों को पहले ही आश्वस्त कर चुके हैं कि हर व्यक्ति को न्याय दिया जायेगा और उसके साथ मानवीय व्यवहार होगा।