असम में एनअारसी का अंतिम मसौदा जारी होने के बाद सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अब एनआरसी पर राजस्थान सरकार के मंत्री ने बयान देकर मामले को तूल दे दिया है। राजस्थान के मंत्री जीएस शेखावत ने कहा है कि एनआरसी के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में जो घुसपैठिए भारत की अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं उनको भी निष्काषित किया जाना चाहिए।


शेखावत का कहना है कि एक बार एनआरसी कानून लागू होने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे उन घुसपैठिए को निकाल देना चाहिए जो भारत की अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, संप्रभुता को चुनौती देने के लिए घटनाएं करते हैं। बता दें कि असम में एनआरसी को जारी होने के बाद देश के कुछ अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की मांग की जा रही है।


उधर एनआरसी के खिलाफ लगातार कड़ा रुख अख्तियार किए हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जिनके नाम लिस्ट से छूट गए हैं उन पर फर्जी केस दर्ज किए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, जिन लोगों के नाम एनआरसी लिस्ट से छूट गए हैं उन पर फर्जी केस दर्ज किए गए। उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, 1200 लोग पहले से ही डिटेंशन कैंप में हैं।' ममता ने सवाल किया कि असम में क्यों सिर्फ सुरक्षा बलों की 400 कंपनियां तैनात की गई हैं?

सपा अध्यक्ष ने एनआरसी को बताया चुनावी मुद्दा
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि एनआरसी का मुद्दा इसलिए उठ रहा हैं क्योंकि चुनाव आ रहे हैं। बीजेपी के पास बताने के लिए कोई काम नहीं है। तो अब एनआरसी पर चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने एनआरसी के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई दी कि वे इसकी लड़ाई लड़ रही हैं।