राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) के साथ समन्वय कर प्रभावी टिड्डी प्रबंधन एवं नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। कटारिया आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों के साथ राज्य में टिड्डी की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने इसके लिए काश्तकारों का भी पूरा सहयोग लेेने को कहा। उन्होंने बताया कि फसलों को बचाने के लिए समय रहते टिड्डी पर नियंत्रण जरूरी है।


इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव संसाधन उपलब्ध करा रही है और उसने टिड्डी चेतावनी संगठन को 40 गाडिय़ां उपलब्ध कराई है। 600 ट्रेक्टर किराए पर लेने की स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। कटारिया ने अधिकारियों को प्रभावी सर्वे कर टिड्डी नियंत्रण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्र में पेस्टिसाइड्स उपलब्ध है।


जहां भी पेस्टिसाइड्स की जरूरत हो वह तुरंत बताएं। वाहन, पेस्टिसाइड्स एवं अन्य संसाधनों के अभाव में कहीं भी टिड्डी अनियंत्रित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी टिड्डी चेतावनी संगठन के अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। साथ ही प्रगतिशील काश्तकारों का भी पूरा सहयोग लें। विभाग के आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि राज्य के गंगानगर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर एवं अजमेर जिले टिड्डी से प्रभावित है।


विभागीय टीमें पूर्ण सजगता के साथ सर्वे कर प्रभावी टिड्डी नियंत्रण कर रही है। प्रभावित क्षेत्र में 138 सर्वे टीम लगी हुई है। टिड्डी चेतावनी संगठन की ओर से 45 गाडिय़ों के माध्यम से कीटनाशक स्प्रे का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने केन्द्रीय कृषि सचिव को पत्र लिखकर सर्वे एवं कीटनाशक छिड़काव के लिए अतिरिक्त वाहन, हवाई स्प्रे के लिए ड्रोन तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव की ओर से सभी प्रभावित जिलों के कलक्टर को भी प्रभावी टिड्डी नियंत्रण के लिए पत्र लिखा जा रहा है।