उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Up Elections 2022)  से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगातार झटके लग रहे हैं। योगी सरकार के मंत्रियों और विधायकों के इस्तीफे का सिलसिला जारी है। इस क्रम में अब आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धर्म सिंह सैनी (Dr. Dharam Singh Saini) का भी नाम जुड़ चुका है। उन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि तीन दिनों में यह तीसरे मंत्री का इस्तीफा है। 

इस वजह से धर्म सिंह सैनी ने दिया इस्तीफा

सहारनपुर जिले की नकुड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. सैनी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) को भेजे इस्तीफे में कहा कि उन्होंने मंत्री के रूप में पूर्ण मनोयोग से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने (Dr. Dharam Singh Saini) इस्तीफे में लिखा, जिन अपेक्षाओं के साथ दलितों, पिछड़ों, किसानों, शिक्षित बेरोजगारों, छोटे एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों ने मिलकर भाजपा को प्रचण्ड बहुमत की सरकार बनाने का काम किया, उनकी एवं उनके जनप्रतिनिधियों के प्रति लगातार हो रहे उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमण्डल से इस्तीफा देता हूं।

विनय शाक्य भी दे चुके हैं इस्तीफा

इससे पहले औरैया जिले में बिधूना सीट से विधायक विनय शाक्य (Bjp MLA Vinay Shakya) ने गुरुवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भी योगी सरकार पर पार्टी में दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। इससे पहले शिकोहाबाद से भाजपा विधायक डॉ. मुकेश वर्मा (MLA Dr. Mukesh Verma) ने अपना इस्तीफा दिया था।  शाक्य ने स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) को अपना नेता बताया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को भेजे इस्तीफे में लिखा कि भाजपा की प्रदेश सरकार द्वारा अपने पूरे पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को कोई तवज्जो नहीं दी गई और न उन्हें उचित सम्मान दिया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा ही दलितों पिछड़ों, किसानों व बेरोजगार नौजवानों और छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की भी घोर उपेक्षा की गयी है। प्रदेश सरकार के ऐसे कूटनीतिपरक रवैये के कारण मैं भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।