पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया का क्रिसमस द्वीप (australias christmas island) इन दिनों अद्भुत प्रकृतिक घटना का गवाह बना हुआ है। यह पूरा द्वीप लाल केकड़ों (red crabs) से अटा हुआ है। यहां 50 मिलियन से अधिक केकड़े जंगलों से निकलकर समुद्री तट पर प्रजनन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां सड़कों पर लोगों की आवाजाही तक रोक दी गई है। 

कार चलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे केकड़ों (red crabs) को नुकसान न पहुंचे। क्रिसमस द्वीप पर हो रही इस प्रकृतिक घटना को अतुल्य माना जा रहा है। यही कारण है कि द्वीप के सभी लोग और कर्मचारी इन क्रस्टेशियंस केकड़ों (Crustaceans Crabs) को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि मादा क्रस्टेशियंस हिंद महासागर (Indian Ocean) के तट पर करीब 100,000 अंडे छोड़ेंगी। यह तट इन्हें प्रजनन के लिए सुरक्षित लगता है। ऐसे में क्रिसमस द्वीप (christmas island) की सड़क, पुलों, चट्टानों, नदियों यहां तक कि पार्कों और घरों के बाहर भी अपना सफर तय करते ये केकड़े झुंड में नजर आ रहे हैं।

यही नहीं केकड़ों के लिए खासतौर पर पुल बनाए जाते हैं और कई अवरोधक भी बनाए जाते हैं। इस इलाके में वर्ष 2005 के बाद पहली बार इतनी बड़ी तादाद में केकड़े प्रवास पर जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि 5 करोड़ केकड़ों को संभालने के लिए कड़ी मशक्‍कत करनी पड़ रही है ताकि वे सुरक्षित तरीके से फ्लायिंग फिश कोव (Flying Fish Cove) तक की यात्रा पूरी कर सकें। विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल पहली बार‍िश के बाद अक्‍टूबर या नवंबर महीने में ये केकड़े बच्‍चे पैदा करने के लिए जाते हैं। इलाके में कुछ दिनों की भारी बारिश के बाद नर केकड़े अपने घरों से निकलते हैं और फिर तटों की ओर बढ़ते हैं। यहीं पर उनकी मादा केकड़ों से मुलाकात होती है।