अयोध्या में जनता और श्रद्धालुओं की खुशी छुपाए नहीं छुपा रही है। जिधर देखें सिर्फ दिवाली की चर्चा आम है। दिवाली के दीयों की रोशनी से दूर करीब पांच सौ साल के इंतजार के बाद इस बार रामजन्मभूमि पर भी दीप जलेंगे। राम मंदिर निर्माण की शुरुआत होने के बाद यह पहला दीपोत्सव है। इस बार भगवान राम के परिसर, राम जन्मभूमि में दीपावली मनाई जाएगी। दीयों की रोशनी से पूरा राम जन्मभूमि परिसर जगमग होगा। 

यूपी सरकार इस दिवाली को यादगार बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। सीएम योगी की पूरी कोशिश है कि इस दिवाली में भगवान राम के अयोध्या लौटने पर रामचरित मानस में दिवाली के बारे में जैसा वर्णन है उसका पूरा अक्स उतार दें। पिछले दीपोत्सव के रेकॉर्ड को तोड़ एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की पूरी योजना है। जो अयोध्या में दीपोत्सव में दीये नहीं जला सकेंगे, सरकार उन्हें निराश नहीं करेगी। वर्चुअल दीपोत्सव की व्यवस्था की गई है। मनपसंद धातु में दीये जलाएं और भगवान से मनौती मांगें। वर्चुअल दीपोत्सव में दीप जलाने के बाद यूपी सरकार धन्यवाद-पत्र भी देगी।

अयोध्या में यह चौथा दीपोत्सव समारोह होगा, जो कि 11 से 13 नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। एक-एक पल की सूचना सीएम योगी ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दीपोत्सव से जुड़ेंगे। अयोध्या में दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम इस बार छोटी दीपावली पर 13 नवंबर को होगा। भगवान श्रीराम से अनुमति लेकर सीएम योगी दीपोत्सव उत्सव की शुरुआत करेंगे। इस बार राम की पैड़ी पर 5.51 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर नया रेकॉर्ड बनाने की तैयारी है। पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बताया कि 5 लाख से ज्यादा दीये इस मौके पर जलाए जाएंगे। कोरोना नहीं होता तो करोड़ों लोग इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते। सभी मठ-मंदिरों और घरों में दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्था होगी, जिससे अयोध्या दीपों के प्रकाश से पूरी तरह आलोकित हो जाए।

यूपी सरकार वर्चुअल दीपोत्सव के लिए छोटी दिवाली से पहले वेबसाइट आम जनता के लिए लॉन्च कर देगी। अयोध्या में पहली बार डिजिटल आतिशबाजी होगी। डिजिटल दीप जलेंगे। पोर्टल पर श्रीरामलला विराजमान की तस्वीर होगी, जिसके सामने श्रद्धालु अपने भावानुसार मिट्टी, तांबे, स्टील धातु का वर्चुअल दीप प्रज्ज्वलन कर सकेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी धन्यवाद-पत्र भी देंगे। सीएम योगी ने मठ-मंदिरों में भजन और रामायण पाठ कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अयोध्या में भव्य सजावट भी होगी। श्रीरामजन्मभूमि, कनक भवन, राम की पैड़ी, हनुमान गढ़ी सहित सभी मंदिरों में लाइटिंग होगी। इसी प्रकार पुलों, विद्युत पोल आदि पर बिजली की झालर लगाई जाएगी।