बिहार विधानसभा चुनाव में 241 विजयी उम्मीदवारों के हलफनामों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि इनमें से 194 (81 प्रतिशत) के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले सबसे अधिक करोड़पति हैं। इसके बाद राज्य में सबसे अधिक सीट जीतने वाली तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला राजद दूसरे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जदयू तीसरे स्थान पर है।

इस वर्ष के चुनावों में जीतकर विधानसभा पहुंचे उम्मीदवार पिछले चुनावों के मुकाबले ज्यादा करोड़पति हैं। पिछली बार 2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में करोड़पति नेताओं की संख्या 162 (67 प्रतिशत) थी। बिहार इलेक्शन वॉच और एडीआर ने चुनाव में 243 विजयी उम्मीदवारों में से 241 द्वारा दायर किए गए स्व-शपथपत्रों के विश्लेषण के बाद इस तथ्य का खुलासा किया है। मतपत्रों की 20 घंटे से अधिक समय तक गिनती के बाद बुधवार सुबह राज्य में तीन चरण के चुनावों का परिणाम घोषित किया गया है। दो विजयी उम्मीदवारों के विवरण का उल्लेख एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में नहीं किया है।

भाजपा के 73 विजयी उम्मीदवारों में से कुल 65 (89 प्रतिशत) ने एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति घोषित की है। इसके बाद राजद के 74 में से 64 (87 प्रतिशत), जदयू के 43 में से 38 (88 प्रतिशत) और कांग्रेस के 19 में से 14 (74 प्रतिशत) उम्मीदवार करोड़पति हैं। जीत दर्ज करने वाले कुल उम्मीदवारों को प्रति उम्मीदवार के हिसाब से देखें तो संपत्ति का औसत 4.32 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में यह औसत 3.02 करोड़ रुपए था। 

घोषित की गई संपत्ति के अनुसार, सबसे अधिक 68 करोड़ रुपए की संपत्ति राजद के आनंद कुमार सिंह के पास है। इसके बाद कांग्रेस के अजीत शर्मा (43 करोड़ रुपए से अधिक) और राजद की विभा देवी (29 करोड़ रुपए से अधिक) का नंबर आता है। वहीं सबसे कम संपत्ति की बात की जाए तो राजद विधायक रामवृक्ष सदा के पास 70,000 रुपए से कुछ अधिक संपत्ति है। इसके बाद सीपीआई (एमएल) (एल) के विधायक गोपाल रविदास (1 लाख रुपये से अधिक) और एक अन्य सीपीआई (एमएल) (एल) के विधायक मनोज मंजिल के पास तीन लाख रुपए से अधिक संपत्ति है।