त्रिपुरा में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ राज्य के युवाओं के लिये डेयरी स्थापित करना वैकिल्पक रोजगार का बेहतर अवसर बन सकता है।


राज्य के कृषि अनुसंधान विकास विभाग (एआरडीडी) के उप निदेशक समरेंद्र दास और कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) के वैज्ञानिक डॉ धुव्र ज्योति दास ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) डेयरी उद्यम विकास योजना (डीईडीएस) के जरिए लघु डेयरी को बढ़ावा देने की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है।


उन्होंने बताया कि सरकार ने लघु डेयरी मालिकों,संग्रहण केद्रों और दुग्ध प्रसंस्करण केंद्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के इरादे से बैंकों से कर्ज दिलाने की योजनाएं शुरू की हैं जिसके जरिए उन्हें कम ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा।


नाबार्ड अधिकारियों ने बताया कि केन्द्र सरकार ने इस योजना को 12 वीं पंचवर्षीय योजना से आगे जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए 2018-19 में 323 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। त्रिपुरा के लिए इसमें 4.32 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।