जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शुक्रवार को आतंकवादियों ने एक गैर स्थानीय मजदूर की हत्या कर दी। सूत्रों के मुताबिक रात करीब 1 बजे बांदीपोरा के हाजिन इलाके के सदनारा गांव में आतंकवादियों ने 19 वर्षीय गैर स्थानीय मजदूर मोहम्मद अमरेज पर गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा, डॉक्टरों ने उसे श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल बेमिना में रेफर कर दिया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वह बिहार से ताल्लुक रखता था। तलाशी के लिए यह इलाका घिरा हुआ है। 

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इस साल घाटी में ब‍िहारी मजदूरों की हत्‍या का ये कोई पहला मामला नहीं है। इस साल जनवरी से अब तक कम से कम 7 ब‍िहारी मजदूरों की हत्‍या हो चुकी है। जबकि 18 से ज्‍यादा टारगेट क‍िलिंग हो चुकी है। इसी महीने की 4 अगस्‍त को पुलवामा में आतंकियों के ग्रेनेड हमले में बिहार के मुहम्मद मुमताज की मौत हो गई थी जबकि दो मजदूर घायल हो गये थे। इसे पहले 2 जून को बडगाम में आतंकियों ने एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले प्रवासी मजदूर दिलखुश कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

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बता दें कि टारगेट हत्‍याओं का दौर फरवरी 2021 से ज्‍यादा बढ़ गया। श्रीनगर के ढाबा मालिक के बेटे की हत्‍या कर दी गई। इससे 5 अक्‍टूबर 2021 को केमिस्‍ट एमएल ब‍िंदू की हत्‍या कर दी गई। 2022 की शुरुआत में तीन सरपंचों समेत पंचायत राज संस्‍थाओं के सदस्‍यों की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी। इसके बाद 4 अप्रैल 2022 को कश्‍मीरी पंडित बाल कृष्‍ण को शोपियां में गोली मार दी गई। जम्‍मू कश्‍मीर के राजस्‍व विभाग के कर्मचारी को उनके कार्यलाय में घुसकर गोली मार दी गई। 25 मई को एक कश्‍मीरी टीवी कलाकर की उसके घर में गोली मारकर हत्‍या कर दी गई।