चीन इस समय एक चिप की वजह से बर्बाद हो रहा है और उसें जबरदस्त नुकसकान हो रहा है। कोरोना संकट के बाद अब ऑटोमोबाइल्स इंडस्ट्रीज (Automobile Industries) में सेमीकंडक्टर की जबरदस्त कमी आ गई है। कोरोना के बाद चिप की कमी से चीन की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बर्बाद हो रही है।

इस समय दुनिया की तमाम बड़ी ऑटो कंपनियां सेमी-कंडक्टर (Semi Conductor) की कमी की परेशानी से जूझ रही हैं। भारत में फेस्टिव सीजन के बावजूद अक्टूबर-2021 में वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट आई।

अब चीन के मार्केट का आंकड़ा सामने आया है। यहां भी अक्टूबर महीने में वाहनों की बिक्री तेजी से घटी है। विदेशी कार कंपनियों के लिए चीन एक बड़ा बाजार है। खासकर होंडा, निसान और टोयोटा कंपनी चीन में लाखों गाड़ियां बेचती हैं। लेकिन अक्टूबर में सब की बिक्री घटी है। पिछले महीने जापानी कार कंपनी होंडा मोटर (Honda Motor) की चीन में बिक्री 18 फीसदी की गिरावट के साथ 1,48,377 यूनिट्स रही।

निसान (Nissan Motor) की सालाना आधार पर चीन में बिक्री 22 फीसदी घटी, और कंपनी ने पिछले महीने 113,876 गाड़ियां बेचीं. जबकि अक्टूबर में टोयोटा की चीन में बिक्री 19 फीसदी घटी और कंपनी कुल 1,42,000 कार बेच पाईं।

आपको बता दें कि चिप एक पोर्ट डिवाइस है जिसका उपयोग डाटा रखने में होता है। ऑटोमोबाइल्स इंडस्ट्री से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां तक चिप की कमी से जूझ रही हैं। इंफोटेनमेंट सिस्टम, पावर स्टीयरिंग और ब्रेक को ऑपरेट करने के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स का इस्तेमाल होता है। नए वाहनों के लिए यह चिप बेहद जरूरी है। यह एक छोटी-सी चिप है, जिसका कारों में इस्तेमाल किया जाता है।

हाईटेक वाहनों में कई तरह की चिप लगाई जाती है। सेफ्टी फीचर्स में भी चिप का यूज किया जाता है। एक तरह से सेमीकंडक्टर को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का 'दिमाग' कहा जाता है। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों में आम वाहनों के मुकाबले ज्यादा चिप लगते हैं। इसलिए चिप की सप्लाई में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों को भी झटका लग सकता है।