गोवा की महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ 2022 विधान सभा चुनाव के लिए चुनाव पूर्व गठबंधन करने से इनकार कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने बुधवार को कहा कि अगर चुनाव के पहले सहयोगी चुनने की बात आती है, तो पार्टी भाजपा के खिलाफ एक विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बनना चाहेगी।

धवलीकर ने कहा, ‘‘हम ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लडऩा चाहते हैं। हम भाजपा के साथ गठबंधन के लिए नहीं जाएंगे। हम ‘एकला चलो रे’ का अनुसरण करेंगे।’’ राज्य के सबसे पुराने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में से एक एमजीपी ने 2012 के चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा थी। 2017 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी ने भाजपा-नीत गठबंधन सरकार का हिस्सा बनने के लिए अपने गठबंधन से नाता तोड़ लिया था।

पर्रिकर के निधन के बाद, एमजीपी एक बार फिर भाजपा की अगुवाई वाली गठबंधन से अलग हो गई। इसके तीन में से दो निर्वाचित विधायक पार्टी से अलग हो गए और भाजपा में मिल गए थे। एकमात्र बचे विधायक, उपमुख्यमंत्री सुदीन धवलीकर को बाद में नवनियुक्त मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य मंत्रिमंडल से हटा दिया दिया था। दीपक धवलीकर ने अब दावा किया है कि अगर सभी विपक्षी दल एक साथ आते हैं तो भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। धवलीकर ने कहा, ‘‘हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन हम विपक्षी दलों के साथ काम करने पर विचार कर सकते हैं।’’