देश के तीन राज्यों में बारिश कहर बरपा रही है। इसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। यहां भारी बारिश के चलते जगह-जगह लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन हो रहा है। आसमानी आफत के बीच जगह-जगह भूस्खलन होने से मलबे की चपेट में आकर कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश में मौसम के रौद्र रूप में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग ने 25 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। हिमाचल में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 

ये भी पढ़ेंः गिरफ्तारी की लटकी तलवार, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी


वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के चलते मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान अधिकतर स्थानों पर जमकर बारिश हुयी। इस बीच उमरिया में सर्वाधिक 142.6 मिलीमीटर यानी लगभग छह इंच वर्षा रिकार्ड की गयी। मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने के चलते एक बार फिर प्रदेश में बारिश का दौर प्रारंभ हो गया है।  

ये भी पढ़ेंः जम्मू कश्मीर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी गिरफ्तार, किया सनसनीखेज खुलासा


वहीं, सीधी में 92 मिमी, गुना में 70.2 मिमी, नरसिंहपुर में 65 मिमी, पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 57.4 मिमी, छतरपुर के नौगांव में 53.2 मिमी, रीवा में 51. 6 मिमी, सिवनी में 51. 4 मिमी, मंडला में 41. 4 मिमी वर्षा रिकार्ड की गयी है। इसके अलावा खजुराहो में 34 मिमी, बालाघाट के मलॉजखंड में 30. 8 मिमी, जबलपुर में 30.2 मिमी, बैतूल में 29.2 मिमी, रायसेन में 25 मिमी, भोपाल में 25 मिमी, दमोह में 22 मिमी, सतना में 20 मिमी, ग्वालियर में 19.9 मिमी, इंदौर में 18़ 8 मिमी के अलावा अन्य स्थानों पर वर्षा हुयी है। भोपाल में सुबह से झमाझम बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों में जलभराव की स्थिति बन गयी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में बारिश का क्रम अभी दो से तीन दिन का जारी रह सकता है।