मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि अगस्त-सितंबर महीने में कही-कही मानसून सामान्य और कुछ जगहों पर ज्यादा बारिश हो सकती है।

दक्षिण पश्चिम मानसून मौसम के दूसरे छमाही के दौरान बारिश को लेकर अपने दूसरे लांग रेंज पूर्वानुमान को जारी करते हुए आईएमडी ने कहा कि जुलाई अंत तक का पूर्वानुमान बताता है कि बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में बारिश अच्छी रही।


इसके अनुसार अगले दो महीने में वर्षा के अनुकूल रहने की उम्मीद है जिससे खरीफ के मौसम के दौरान खेती के लिये उम्मीदें बढ़ गयी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, "अगस्त 2018 के दौरान बारिश के एलपीए के 96 फीसदी (प्लस-माइनस नौ) से कम होने की संभावना है और जून में की गई भविष्यवाणी की तुलना में इसके अधिक होने की संभावना है। मात्रात्मक रूप से, मौसम की दूसरी छमाही के दौरान देश में बारिश के एलपीए के 95 फीसदी तक रहने की संभावना है।"


अगर बारिश एलपीए (दीर्घावधि औसत) का 96-104 फीसदी हो तो इसे सामान्य समझा जाता है और अगर यह एलपीए का 90-96 फीसदी हो तो इसे 'सामान्य से नीचे' समझा जाता है। आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक एम मोहपात्रा ने कहा कि अगस्त-सितंबर की अवधि में सामान्य सीमा एलपीए का 94-100 फीसदी है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने पहले ही इस साल के मानसून को लेकर अपने पूर्वानुमान को कम कर दिया है।


अप्रैल में अपने शुरुआती पूर्वानुमान में स्काईमेट ने कहा था कि देश में बारिश एलपीए की 100 फीसदी रहेगी, जो 'सामान्य' की श्रेणी में आता है। अपने ताजा पूर्वानुमान में स्काईमेट ने कहा कि अगस्त में यह एलपीए का 88 फीसद और सितंबर में इसमें थोड़़ा सुधार देखा जा सकता है जो कि एलपीए का 93 फीसद रह सकता है।