जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने तालिबान का उदाहरण देकर मोदी सरकार को चेतावनी दी है। सब्र का बांध टूटने पर हटा और मिटा देने की धमकी देते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मोदी सरकार अटल बिहारी वाजपेयी की तरह पाकिस्तान और कश्मीरियों से बात करे। 

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आजादी के समय बीजेपी होती तो आज कश्मीर भारत में नहीं होता। महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को एक कार्यक्रम में तालिबान से तुलना करते हुए कहा, जिस वक्त यह बर्दाश्त का बांध टूट जाएगा, तब आप नहीं रहोगे, मिट जाओगे। पड़ोस (अफगानिस्तान) में देखो क्या हो रहा है। उनको भी वहां से बोरिया-बिस्तर लेकर वापस जाना पड़ा। आप के लिए मौका है अभी भी, जिस तरह वाजपेयी जी ने बातचीत शुरू की थी कश्मीर में, बाहर भी (पाकिस्तान के साथ) और यहां भी, उसी तरह आप भी बातचीत का सिलसिला शुरू करो। 

अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य का दर्जा हटाते हुए जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर महबूबा ने कहा, जो आपने गैर कानूनी तरीके से छीना है, गैर संवैधानिक तरीके से जो जम्मू-कश्मीर का नुकसान किया है, टुकड़े-टुकड़े कर दिए, उसे वापस करो नहीं तो बहुत देर हो जाएगी। वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत में महबूबा मुफ्ती को देशद्रोही बताया और कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में तालिबान राज चाहती हैं। रैना ने कहा, महबूबा मुफ्ती किसी बहुत बड़ी गलतफहमी है, भारत एक ताकतवर देश है और हमारे देश के पीएम मोदी है, तालिबानी हों, अलकायदा हो, जैश हो हिज्बुल हो, जो भारत के एकता और अखंडता के खिलाफ साजिश करेगा उसे मिट्टी में मिला दिया जाएगा, हमारे पीएम मोदी जी है, बाइडेन नहीं।